ले. जनरल हुड्डा की गाड़ी में टक्कर मारी
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आरोप है कि जानकर ही टक्कर मारी
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डीजीपी कार्यालय ने घटना पर खेद जताया
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उस गाड़ी में उनकी पत्नी भी सवार थी
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः भारतीय सेना की उत्तरी कमान के पूर्व कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) बीएस हुड्डा ने बुधवार को आरोप लगाया कि जब वह अपनी कार चला रहे थे, तब एक वीआईपी को एस्कॉर्ट कर रहे पंजाब पुलिस के दो वाहनों ने जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मारी। उन्होंने इस घटना को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
सेवानिवृत्त अधिकारी हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का विवरण देते हुए बताया कि शाम 4 बजे, जब वह अपनी पत्नी के साथ ज़ीरकपुर फ्लाईओवर पर गाड़ी चला रहे थे, तो अंबाला की ओर एक वीआईपी को ले जा रही पंजाब पुलिस की दो जीपें सायरन बजाते हुए पीछे आईं। उन्होंने पहली गाड़ी को निकलने देने के लिए अपनी रफ्तार धीमी कर दी। उन्होंने लिखा, भारी ट्रैफिक के कारण वीआईपी कार को पार होने में शायद तीन सेकंड का अतिरिक्त समय लग गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गुस्साए, पीछे चल रहे एस्कॉर्ट जीप चालक ने बाईं ओर से ओवरटेक करते समय जानबूझकर दाईं ओर गाड़ी मोड़ी और उनकी कार के अगले हिस्से को टक्कर मारी, और फिर तेजी से भाग गया। सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा कि इस टक्कर से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई और व्यस्त यातायात के बीच पुलिस चालकों ने उनकी या उनकी पत्नी की सुरक्षा के लिए कोई चिंता नहीं दिखाई।
हुड्डा ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, कानून के संरक्षक माने जाने वाले किसी व्यक्ति का अहंकार और दण्ड मुक्ति की भावना वर्दी और संगठन की प्रतिष्ठा को धूमिल करती है। पंजाब पुलिस के डीजीपी कार्यालय ने एक्स पर हुड्डा के आरोप का जवाब देते हुए हुई परेशानी और चिंता पर खेद व्यक्त किया।
डीजीपी कार्यालय ने आगे कहा कि यदि यह व्यवहार साबित होता है, तो यह पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा और पंजाब पुलिस के पेशेवर मूल्यों और सार्वजनिक सेवा के विपरीत होगा। डीजीपी ने स्वयं इस मामले पर विशेष डीजीपी ट्रैफिक एएस राय से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की है और शामिल वाहनों तथा कर्मियों की पहचान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी।
ले. जनरल हुड्डा ने बाद में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कार में डैशकैम नहीं था, और कहा कि अगर मेरा शब्द सम्मानजनक है, तो उसे ही मानना होगा। बता दें कि ले. जनरल (सेवानिवृत्त) हुड्डा एक अलंकृत अधिकारी हैं, जिन्हें दिसंबर 1976 में भारतीय सेना में कमीशन मिला था और वह नवंबर 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी सेवानिवृत्ति उरी आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की निगरानी के दो महीने बाद हुई थी।