राहुल और तेजस्वी दोनों नेताओँ पर निशाना साधा
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यह विरोधी सिर्फ सत्ता के लालची है
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मेरा नहीं छठी मैया का अपमान कर रहे
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नों नेता तो जमानत पर ही बाहर हैं
राष्ट्रीय खबर
पटनाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस गठबंधन को पानी और तेल जैसा बताया, जो कभी मिल नहीं सकते, और दावा किया कि यह केवल सत्ता का लालच है जिसने उन्हें एक साथ लाया है। मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर आंतरिक कलह और अपमानजनक हार की ओर बढ़ने का आरोप लगाया, जिसके चलते वे हताशा भरे और अवास्तविक वादे कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप का भी कड़ा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने छठ पूजा के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली में यमुना में डुबकी लगाने की योजना को नाटक बताया था। मोदी ने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस के नेता बिहार चुनाव में वोट पाने के लिए छठी मैया का अपमान कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस अपमान को सदियों तक नहीं भूलेगी।
मोदी ने यह भी बताया कि उनकी सरकार छठ पर्व को यूनेस्को विरासत का दर्जा दिलाने के प्रयास कर रही है, क्योंकि यह न केवल भक्ति बल्कि समानता का प्रतीक भी है, लेकिन विपक्षी दल इस त्योहार का उपहास उड़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा और उन्हें भ्रष्टाचार के युवराज करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस ने किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने के लिए हाथ मिलाया है ताकि वे बिहार को फिर से लूट सकें।
उन्होंने दोनों नेताओं की तुलना करते हुए कहा, बिहार के चुनावी संग्राम में अब युवराजों की एक जोड़ी है जो खुद को युवराज समझते हैं। एक भारत के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज है, और दूसरा बिहार के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज। दोनों ही हज़ारों करोड़ रुपये के घोटालों में ज़मानत पर बाहर हैं।
मोदी ने खुद को कामदार (मेहनत करने वाला) और अपने विरोधियों को नामदार (विशेषाधिकार प्राप्त) बताते हुए कहा कि वे एक पिछड़े वर्ग के नेता की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर सकते, जिसने कभी चाय बेची थी। उन्होंने कहा, जो नामदार हैं, वे ज़ाहिर तौर पर कामदार का अपमान करेंगे। इन नामदारों का खाना तब तक नहीं पचता जब तक वे किसी कामदार को गाली न दें।
मोदी ने राजद पर अपना हमला तेज़ करते हुए उसके शासनकाल को जंगल राज कहकर दोहराया और पार्टी पर बिहार में अराजकता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने राजद के शासनकाल के दौरान की भयावह स्थिति का वर्णन किया, जिसमें लगभग 35,000-40,000 अपहरण हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय रोते-बिलखते माता-पिता से राजद को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा और आज भी उन्हें जनता के सुख-दुःख की कोई परवाह नहीं है।
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जंगल राज के दौरान, राजद के गुंडों के डर से कार डीलरशिप और वाहन शोरूम भी बंद करने पड़े, क्योंकि वे शोरूम लूटते थे, गाड़ियाँ चुराते थे और मालिकों को आतंकित करते थे। अंत में, मोदी ने दावा किया कि राजद और कांग्रेस की कुनीतियों के कारण लाखों युवा बेरोजगार हो गए और आजीविका की तलाश में पलायन करने को मजबूर हुए। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे जंगल राज के उन खतरनाक दिनों को याद रखें और इस गठबंधन को सत्ता से दूर रखें।