Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की नई राजनीतिक पीढ़ी का क्रांतिकारी उदय OTT Censorship: 'सतलुज' विवाद के बाद सख्त हुई सरकार, OTT फिल्मों के लिए CBFC सर्टिफिकेट होगा अनिवार्... ISRO Brain Drain: इसरो में मची खलबली, 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, सरकार ने सख्त किए न... Datia By-Election: दतिया में गरजे नरोत्तम मिश्रा, प्रशासन को दी चेतावनी, बोले- 'किसी में हिम्मत नहीं... Datia By-Election: 'नरोत्तम मिश्रा बड़ी चुनौती थे, आशुतोष तिवारी कुछ नहीं', कांग्रेस प्रत्याशी घनश्य... Haldiram in London: लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम का पहला स्टोर, छोले-भटूरे खाने उमड़ी... Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर के घर छापा, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर गिरफ्तार, 9.24 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति जब्त Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को... Datia By-Election: जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 'दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी कांग्रेस'

इंडोनेशिया स्कूल ढहने से मरने वालों की संख्या 63 हुई

पिछले सप्ताह के हादसे का बचाव अभियान जारी

जकार्ताः इंडोनेशिया के एक स्कूल के अचानक ढह जाने की दुखद घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है, अधिकारियों ने सोमवार को पुष्टि की। पिछले सप्ताह जावा द्वीप पर भारी बारिश और बाढ़ के बाद यह इमारत ढह गई थी, जिससे छात्रों और शिक्षकों सहित कई लोग मलबे के नीचे दब गए थे।

अधिकारी और आपातकालीन बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन माना जाता है कि अभी भी लगभग छह लोग लापता हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। बचाव अभियान भारी और अस्थिर मलबे के कारण एक धीमी और खतरनाक प्रक्रिया बनी हुई है। स्कूल, जो एक भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित था, के ढहने से क्षेत्र में व्यापक दहशत फैल गई थी।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह घटना पिछले सप्ताह के अंत में हुई जब छात्र और शिक्षक सामान्य रूप से स्कूल में मौजूद थे। भारी वर्षा और खराब निर्माण सामग्री को ढहने का प्राथमिक कारण माना जा रहा है। इंडोनेशिया, अपनी भौगोलिक स्थिति और अनियमित निर्माण मानकों के कारण, अक्सर इस तरह की आपदाओं का सामना करता है। अधिकारियों ने अब देश भर के अन्य पुराने या खराब निर्मित स्कूल भवनों की संरचनात्मक अखंडता की जाँच करने का वादा किया है।

इस आपदा ने इंडोनेशिया में सार्वजनिक भवनों, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देश की सरकार पर निर्माण नियमों को सख्ती से लागू करने और मौजूदा बुनियादी ढांचे की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है।

पीड़ित परिवारों के लिए यह एक मार्मिक समय है, क्योंकि वे अपने लापता प्रियजनों के बारे में जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बचाव दल के सदस्य उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं और मलबे के हर हिस्से को ध्यान से खोज रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी इस संकट से निपटने के लिए इंडोनेशिया को सहायता और समर्थन दिया है। इस बीच, क्षेत्र में शोक का माहौल है, और स्थानीय चर्चों और मस्जिदों में मृतकों की याद में प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं।