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मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे.. .. ..

बेचारा चुनाव आयोग, मार पर मार पड़ रही है पर खुलकर सच भी नहीं बोल पा रहा है कि वह किसी दूसरे की गलती की सजा भोग रहा है। लेकिन बेचारे ज्ञानेश जी भी क्या करें। खेल तो राजीव कुमार खराब कर गये थे राज अब खुल रहा है जब वह कुर्सी पर बैठे है। भाई लोगों ने तो मार मार कर भुरकुश बना दिया है और एक बार प्रेस कांफ्रेंस करने के बाद दोबारा सामने आने की हिम्मत नहीं हो रही है। वह बेचारे नरेंद्र मोदी या अमित शाह नहीं ना हैं कि बिना प्रेस के सवालों का उत्तर दिये ही सारा कार्यकाल गुजार देंगे।

नौकरशाह हैं तो नौकरी खत्म होने के बाद भी खतरा तो बना रहेगा कि कहीं सरकार बदली तो लेने के देने ना पड़ जाए। असली खिलाड़ी तो अब भी पर्दे से गायब ही चल रहा है। सिर्फ सूत्रों के जरिए खबर आयी थी कि जनाब अब भी देश और देश की राजधानी में ही हैं पर पता नहीं क्यों जनता से चेहरा छिपाते फिर रहे हैं। भाई साहब मैं पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की बात कर रहा हूं। बेचारे रांची के भी जिलाधिकारी के पद पर रहे हैं तो बेहतर जानकारी तो होनी चाहिए कि आखिर यह आदमी अचानक पर्दे से गायब क्यों हो गया है।

मसला को बिहार के चुनाव में फंसा है वहां भी भाई लोगों ने भागलपुर में अडाणी सेठ को सस्ते में जमीन देने का मामला उठा दिया। अपने सेठ की मित्रता की वजह से ही मोदी जी बार बार सवालों के घेरे में आ जाते हैं वरना वह तो पहले ही कह चुके थे कि, फकीर आदमी हूं झोला उठाकर चल दूंगा। यानी किसी की वजह से कोई और परेशान हो रहा है।

इसी बात पर एक फिल्मी गीत याद आ रहा है। सुपरहिट फिल्म दबंग के इस गीत को लिखा और संगीत में ढाला था ललित पंडित ने। इसे ममता शर्मा और ऐश्वर्या ने अपना स्वर दिया था। इसे सलमान खान, मलाइका अरोरा और सोनू सूद के ऊपर फिल्माया गया था। गीत के बोल कुछ इस तरह हैं।

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए

मुन्नी के गाल नैन चाल नवाबी

ले झंडू बाम डार्लिंग तेरे

मुन्नी बदनाम डार्लिंग तेरे

मुन्नी के गाल नैन चाल नवाबी

ले झंडू बाम डार्लिंग तेरे लिए

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए

शिल्पा सा फिगर बेबो सी बेबो सी अदा

है मेरे झटके में फिल्मी मज़ा रे फिल्मी

हाए तू ना जाने मेरे नखरे वे लाखों रुपैया

वे मैं टकसाल डार्लिंग तेरे

सिनेमा हॉल डार्लिंग तेरे

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए

ओ मुन्नी ओ मुन्नी

तेरा गली गली में चर्चा

है जमा इश्क़ दा इश्क़ दा पर्चा

जमा इश्क़ दा इश्क़ दा पर्चा

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए

कैसे अनाड़ी से पाला पड़ा जी पाला

हो कैसे अनाड़ी से पाला पड़ा जी पाला

बिना रुपए के आके खड़ा मेरे पीछे

पोपट ना जाने मेरे पीछे वो

हाए हाए मार ही डालगी

पोपट ना जाने मेरे पीछे सैफ़ू से लेके लंबू

आइटम यह आम डार्लिंग तेरे लिए

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे

है तुझ में पूरी बोतल का बोतल का नशा

कर दे बुढ़ापे को कर दे जवान रे कर दे

होंठों पे गाली तेरी आँखें

होंठों पे गाली तेरी आँखें दुलाली रे दे है

तू आइटम बॉम्ब डार्लिंग तेरे

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग मेरे लिए

मुन्नी के गाल नैन चाल नवबी

ले ज़न्दू बल्म हुई डार्लिंग तेरे

मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे

बात यह आम हुई डार्लिंग तेरे

डार्लिंग तेरे

अमिया से आम हुई डार्लिंग मेरे

ले झंडू बाम हुई डार्लिंग मेरे

सीने में होल तेरे तेरे तेरे

आले बदनाम हुई हांजी हन तेरे

ले सारे आम हुई डार्लिंग तेरे

डार्लिंग तेरे लिए..

अब किसके लिए बदनाम हुए और कल को कौन सजा भुगतेगा, यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है। बेचारे नकली चाणक्य बार बार फंस रहे हैं तो दूसरी तरफ अपने योगी जी का डंडा इतना तेज चल रहा है कि चाणक्य को वहां दखल देने तक का साहस नहीं होता। ऐसे में अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मामला पेचिदा हो गया है।

अंदरखाने की चर्चा अगर सही है तो संजय जोशी के पीछे संघ का समर्थन है। ऐसे में तय है कि संघ ने यह तय कर लिया है कि व्यक्ति के कद से संगठन के कद को ज्यादा ऊपर रखना है और संजय जोशी अगर भाजपा के अध्यक्ष बनाये गये तो मोदी जी और उनकी गुजरात लॉबी का प्रभाव जाहिर तौर पर कम हो जाएगा। पहले तो उनके रिटायरमेंट तक की चर्चा थी पर अब समय तो अब बीत चुका है। फिर भी यह इंडियन पॉलिटिक्स है भाई, पता नहीं अगले पल क्या हो जाए।