केंद्र सरकार की पर्वतमाला योजना की जानकारी सामने आयी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः अडाणी समूह को सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबे रोपवे बनाने का एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। लगभग 4,081 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने सौंपा है। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की पर्वतमाला योजना का हिस्सा है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बनाई गई है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा।
यह रोपवे बनने के बाद, केदारनाथ की लगभग 9 घंटे की कठिन चढ़ाई सिर्फ 36 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे हर साल लाखों श्रद्धालुओं को फायदा होगा, जो केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आते हैं। इस रोपवे की मदद से प्रति घंटे 1,800 लोग एक ही दिशा में यात्रा कर सकेंगे, जिससे यात्रा काफी तेज और आरामदायक हो जाएगी।
अडाणी समूह के रोड्स, मेट्रो, रेल और वाटर डिवीजन इस प्रोजेक्ट को बनाएगी। कंपनी ने बताया कि रोपवे का निर्माण कार्य पूरा होने में छह साल लगेंगे, जिसके बाद कंपनी अगले 29 साल तक इसका संचालन करेगी। यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
इस प्रोजेक्ट के बारे में बोलते हुए, अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि यह रोपवे आस्था और आधुनिक सुविधाओं को जोड़ने वाला एक पुल है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा को न केवल सुरक्षित और तेज बनाएगा, बल्कि लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान करेगा। गौतम अडाणी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट अडाणी समूह की उस सोच को दर्शाता है जिसमें देश के विकास के साथ-साथ लोगों की भलाई को भी प्राथमिकता दी जाती है।
केदारनाथ, हर साल 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है, जिससे यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। इससे न केवल यात्रा का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह प्रोजेक्ट दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढाँचा विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस रोपवे के शुरू होने से, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए केदारनाथ की यात्रा करना भी काफी आसान हो जाएगा।