Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र का आधा सफर पूरा, आखिरी 9 दिनों में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें पीएम मोदी ने मैसूर में किया 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन: बोले- "भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से ब... तमिलनाडु पहुंचे राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले— "परिसीमन से तमिल जनता की राजनीतिक ताकत छीन... वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने क... NSA अजीत डोभाल 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित, अमित शाह बोले- "सुरक्षा इतिहास म... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT का कड़ा एक्शन, 200 से अधिक लोगों को पुलिस का नोटिस जारी पटियाला में राजा वड़िंग के कार्यक्रम में भारी हंगामा, चन्नी समर्थकों ने लगाए 'चन्नी जिंदाबाद' के नार... उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर दुष्कर्म की FIR: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, B... उत्तराखंड में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, मसूरी के लक्ष्मणपुरी में कथित अवैध नमाज स्थल पर चला बुलडोजर 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E-20' में गरजे अरविंद केजरीवाल, केंद्र सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें

दो सरकारी बैंक होंगे विश्व के शीर्ष 20 बैंकों में शामिल

वैश्विक बैंकिंग प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की भारत की तैयारी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत सरकार ने 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधारों की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य है कि देश के दो प्रमुख सरकारी बैंकों को दुनिया के शीर्ष 20 बैंकों की सूची में शामिल किया जाए। वर्तमान में, भारत का सबसे बड़ा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, संपत्ति के मामले में 43वें स्थान पर है, और कोई भी भारतीय बैंक शीर्ष 20 में नहीं है।

शुक्रवार को, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव ने सभी सरकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों और अन्य अधिकारियों के साथ मंथन 2025 नामक एक बैठक की शुरुआत की, जो शनिवार को भी जारी रही। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में सरकारी बैंकों की भूमिका में तेजी से बदलाव आएगा। भारत की बढ़ती जरूरतों और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को देखते हुए, बैंकों को भी अपनी कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने होंगे।

बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि ग्राहकों को विकसित देशों जैसी उन्नत बैंकिंग सुविधाएं कैसे दी जा सकती हैं। इसके लिए सभी बैंकों को उन कारणों पर ध्यान देने को कहा गया है, जिनसे ग्राहक असंतुष्ट होते हैं। बैंकों को ग्राहकों की प्रतिक्रिया और उनकी असंतुष्टि से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सभी बैंकों में ग्राहक सेवा से जुड़े नियमों को एक समान बनाने पर भी चर्चा हुई, क्योंकि अभी अलग-अलग बैंकों के नियम अलग हैं। निजी बैंकों को भी अपनी ग्राहक सेवाओं को और सरल बनाने के लिए कहा जा रहा है।

इस मंथन बैठक में सभी बैंकों को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और कृषि क्षेत्र को मिलने वाली फंडिंग में वृद्धि करने के लिए भी कहा गया है। बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के लिए ‘मंथन’ का यह आयोजन पहले भी दो बार किया जा चुका है।