नये उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने शपथ ग्रहण किया
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अचानक इस्तीफा दे दिया था उन्होंने
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वेंकैया नायडू के बगल में बैठे रहे
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लोगों से सामान्य ढंग से भेंट की
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: अपने अचानक और रहस्यमयी इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखे पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया था। वह इस समारोह में आमंत्रित अतिथियों में से एक थे, जिनमें पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी शामिल थे।
इस अवसर पर धनखड़ काफी शांत दिखाई दे रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान, उन्हें पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ सहजता से बातचीत करते हुए देखा गया। वह नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की कुर्सी के पास बैठे थे और सहज रहने की सचेत कोशिश करते दिखे। उन्हें अक्सर मुस्कुराते हुए और अन्य लोगों का अभिवादन करते हुए देखा गया, जिसमें भारत की राष्ट्रपति के आगमन पर उनका अभिवादन करना भी शामिल था।
धनखड़ को परंपरा के अनुसार इस समारोह में आमंत्रित किया गया था, जिसके तहत सभी जीवित पूर्व उपराष्ट्रपतियों को नए उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जाता है।
इस्तीफे के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति
यह जुलाई में अपने इस्तीफे के बाद धनखड़ की पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी। पद छोड़ने के बाद से वह ज्यादातर एकांत में ही रह रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह अपना खाली समय अपनी एक पसंदीदा हॉबी-टेबल टेनिस खेलकर बिता रहे थे। उपराष्ट्रपति चुनाव (9 सितंबर) होने से कुछ दिन पहले, वह कथित तौर पर एक राजनीतिक नेता के फार्महाउस में चले गए थे। अब उन्हें दिल्ली के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम रोड पर एक टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया है।
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम था, जिसने कई सवाल खड़े किए थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया था जब देश में राजनीतिक स्थिरता को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। उनके इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर कई अटकलें लगाई गईं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
आज की उनकी उपस्थिति एक महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि यह उनके इस्तीफे के बाद से उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति है। उनका शांत और सहज व्यवहार यह दर्शाता है कि वह इस घटनाक्रम से उबर चुके हैं और एक सामान्य जीवन में लौट रहे हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि उनके इस्तीफे के बाद उन्हें सरकार द्वारा एक उच्च-स्तरीय आवास प्रदान किया गया है, जो यह संकेत देता है कि सरकार के साथ उनके संबंध सौहार्दपूर्ण बने हुए हैं।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी शपथ लेने के बाद पूर्व उपराष्ट्रपतियों से मुलाकात की और उनसे आशीर्वाद लिया। इस तरह के कार्यक्रम भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक गरिमा को दर्शाते हैं, जहां सत्ता का हस्तांतरण सहज और शांतिपूर्ण ढंग से होता है।