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जिनकी दिमागी नजरें बंद है, उन्हें समाज खोलेः किशोर

नेत्रदान पखवाड़ा में संत जेवियर कॉलेज में कार्यक्रम संपन्न

  • नेत्रदान का फॉर्म भी भरा मंत्री ने

  • ब्लाइंड फोल्ड दौड़ का आयोजन हुआ

  • एक हजार से अधिक नेत्र प्रत्यारोपण हुए है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः आंखों में ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है, जिसमें इंसान को सिर्फ सामने की चीजें दिखती है। आम इंसान जब देखता है तो सामने के साथ साथ दोनों तरफ की चीजें भी देख पाता है। अब जिस व्यक्ति को ऐसी दिमागी ग्लूकोमा की बीमारी हो, उसे तो सिर्फ बौद्धिक समाज ही ठीक कर सकता है।

यह बातें राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कही। वह आज संत जेवियर कॉलेज में आयोजन नेत्रदान पखवाड़ा के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आम लोगों की भाषा में आंख का महत्व इससे भी समझा जा सकता है क्योंकि अधिकांश शायरी और गजलें आंखों पर ही लिखी गयी है।

उन्होंने समाज के ऊपरी कतार में पहुंचे लोगों के बारे में ही कहा कि जब ऐसे लोगों को पूरा समाज दिखाई न दें तो समझना चाहिए कि उन्हें दिमागी ग्लूकोमा हो गया है और एक जागरुक समाज ही इस बीमारी का सही इलाज कर सकता है। इस किस्म की बौद्धिक सर्जरी से ही ईलाज किया जा सकता है। इस क्रम में मंच से उन्होंने नेत्रदान का फॉर्म भी भरा।

संत जेवियर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में सबसे पहले ब्लाइंड फोल्ड दौड़ में दस समूह में स्कूल की छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम की शुरुआत आई डोनेशन एवारनेस क्लब के अध्यक्ष अनुज सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण से किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने परिवार के लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरुक और जिम्मेदार बनाये।

समारोह में कश्यप मेमोरियल आई बैंक की निदेशक डॉ भारती कश्यप ने नेत्रदान और नेत्र प्रत्यारोपण की उपलब्धियों की जानकारी दी और बताया कि अब तक 1015 नेत्र प्रत्यारोपण किये जा चुके हैं। डॉ कश्यप ने कहा कि देश में कॉर्निया की जरूरत की तुलना में नेत्रदान बहुत कम होता है। इसे समाज को जागरुक बनाकर ही बेहतर बनाया जा सकता है।

समारोह में पद्मश्री मुकुंद नायक ने भी अपनी शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने उन परिवारों का भी सम्मान किया, जिनके परिवारों से नेत्रदान हुआ है। ऐसे तीस परिवार के सदस्य समारोह में शामिल हुए। इस क्रम में जमशेदपुर के रोशनी आई बैंक को भी योगदान के लिए सम्मानत  किया गया। मंच पर ब्लाइंड फोल्ड दौड़ के दस समूह के विजेताओं और उपविजेताओं को भी अनुज सिन्हा और डॉ बीपी कश्यप द्वारा पारितोषिक प्रदान किया गया।

समारोह में धन्यवाद ज्ञापन डॉ विभूति कश्यप ने किया। इस आयोजन में आईएमए के डॉक्टर विमलेश सिंह और डॉ शेखर चौधरी के अलाव अन्य चिकित्सक, एफजेसीसीआई के सदस्य तथा आई डोनेशन एवारनेस क्लब के सदस्य एवं अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हुए। आयोजन में आई बैंक के लोगों के अलावा संत जेवियर कॉलेज के एनएसएस के प्रतिभागियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।