तबियत बिगड़ी तो अपोलो अस्पताल में भर्ती
हैदराबादः केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद शुक्रवार को अचानक बीमार पड़ गए, जिसके बाद उन्हें हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी स्वास्थ्य जटिलताएँ श्रीशैलम से लौटते समय शुरू हुईं, जिसके बाद हैदराबाद पहुँचते ही उन्हें तुरंत आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सूद अपनी इस यात्रा के दौरान एक निजी दौरे पर थे। हालांकि, उनकी यात्रा ने राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मचा दी, खासकर ऐसे समय में जब तेलंगाना सरकार ने कालेश्वरम परियोजना की जाँच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। यह परियोजना पहले से ही विवादों में घिरी हुई है, और ऐसे में सूद की हैदराबाद में उपस्थिति ने कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया। दूसरी तरफ कुछ लोग इसे उपराष्ट्रपति के चुनाव से भी जोड़कर देख रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रवीण सूद की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, उनकी बीमारी के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं किया गया है। उनके स्वास्थ्य को लेकर सीबीआई और अपोलो अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सूद की हैदराबाद यात्रा को लेकर अटकलें तब और बढ़ गईं, जब यह बात सामने आई कि उन्होंने अपनी इस यात्रा के दौरान सीबीआई की स्थानीय इकाई के अधिकारियों से भी मुलाकात की। इस मुलाकात को तेलंगाना में कालेश्वरम परियोजना की जाँच से जोड़कर देखा जा रहा है। यह एक प्रमुख सिंचाई परियोजना है, जिस पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। तेलंगाना सरकार ने हाल ही में इसकी जाँच सीबीआई को सौंपी है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
सूद की यह यात्रा और उनकी अस्पताल में भर्ती, दोनों ने ही राजनीतिक चर्चाओं को बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि उनकी हैदराबाद में मौजूदगी ने कालेश्वरम परियोजना की जाँच को लेकर सीबीआई की गंभीरता को उजागर किया है, जबकि उनकी अचानक बीमारी ने इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ ला दिया है। फिलहाल, सभी की निगाहें उनके स्वास्थ्य पर टिकी हैं और राजनीतिक गलियारे उनकी यात्रा के पीछे के संभावित उद्देश्यों को लेकर चर्चाओं में व्यस्त हैं।