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प्रारंभिक जांच में राहुल गांधी के आरोप सही साबित हुए

दस फीट गुणा 15 फीट के मकान में अस्सी वोटर

  • गहन जांच में सभी आरोप सही निकले

  • डीके शिवकुमार ने ज्ञापन सौंपा है

  • तीन राज्यों में पहले ही लगे थे आरोप

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः बेंगलुरु के महादेवपुरा के बारे में राहुल गांधी ने जो आरोप लगाये थे, वे निष्पक्ष जांच में सही पाये गये हैं। इतना ही नहीं यूपी चुनाव आयोग द्वारा आदित्य श्रीवास्तव के उल्लेख को गलत बताने की बात भी गहन जांच में गलत पायी गयी है। यानी वाकई यह व्यक्ति कर्नाटक के अलावा लखनऊ और मुंबई के योगेश्वरी पूर्वी में बतौर मतदाता दर्ज है।

गुरुवार दोपहर उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव और फिर कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में धांधली की है। उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु मध्य लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप की सत्यता की पुष्टि करते हुए, उस क्षेत्र के 150 वर्ग फुट के एक कमरे में 80 मतदाताओं के नाम दर्ज होने के सबूत मिले हैं।

लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक में वोट चोरी का उदाहरण देते हुए राहुल ने गुरुवार को कहा, बेंगलुरु मध्य लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक भयानक चोरी हुई। वहाँ एक लाख से ज़्यादा वोट चोरी हुए। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के उस लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस को 6 लाख 26 हज़ार वोट मिले। भाजपा को 6 लाख 58 हज़ार वोट मिले।

हार जीत का अंतर 32,000 से थोड़ा ज़्यादा था। और अकेले महादेवपुरा विधानसभा सीट पर दोनों पार्टियों के बीच 1,14,000 से अधिक वोटों का अंतर था। विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र और हरियाणा, और लोकसभा चुनावों से पहले भी मध्य प्रदेश ने विधानसभा चुनावों में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। गुरुवार शाम को संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता से आरोपों के संबंध में सबूतों के साथ एक हलफनामा मांगा

वैसे अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आयोग के वे अधिकारी कौन हैं, जिन्होंने यह हलफनामा मांगा है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह खबर चलायी गयी है। इसमें अधिकारियों ने आरोप लगाया कि राहुल संवैधानिक संस्था का अनादर करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन कर्नाटक की राजधानी में महादेवपुरा विधानसभा में राहुल द्वारा दिए गए पते की तलाशी लेते समय, आउटर रिंग रोड पर बूथ संख्या 470 पर एक घर में 150 वर्ग फुट के कमरे से 80 मतदाताओं की तलाशी पर विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि 35 मुनि रेड्डी गार्डन में उस घर के पते पर पंजीकृत कोई भी मतदाता वहां नहीं रहता है। नतीजतन, राहुल के आरोप सही साबित हुए हैं।

राहुल पहले ही उस राज्य की कांग्रेस सरकार को संदेश भेज चुके हैं कि वह महादेवपुरा समेत पूरे कर्नाटक में मतदाता सूची में धोखाधड़ी का सर्वेक्षण कराए। उनका आरोप है कि उस विधानसभा क्षेत्र के लगभग 6.5 लाख मतदाताओं में से कम से कम 1 लाख 250 वोट फर्जी हैं। इनमें से 11,965 के नाम कई जगहों पर हैं।

40009 फर्जी मतदाता हैं जिनके पते फर्जी और अस्तित्वहीन हैं। 10452 फर्जी मतदाता एक ही पते (जैसे 35 मुनि रेड्डी गार्डन स्थित घर) पर पंजीकृत हैं। मतदाता सूची में गलत तस्वीरों वाले 4132 मतदाता हैं और 33962 मतदाताओं ने धोखाधड़ी से नए मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज करने के लिए फॉर्म प्राप्त किए हैं और उनके पास फोटो पहचान पत्र हैं। आरोप है कि 65, 70, 80 और यहां तक कि 95 वर्ष की आयु के मतदाताओं के नाम महादेवपुरा में पहले मतदाता के रूप में दर्ज किए गए हैं।

इस बीच कुछ मोदी समर्थक मीडिया संस्थानों ने अपनी तरफ से राहुल के बयान का खंडन करने की कोशिश भी की थी लेकिन वैकल्पिक सोशल मीडिया में सक्रिय लोगों ने इन दावों की जांच की और पाया कि अब तक राहुल ने जिन बातों का उल्लेख किया है, वे पूरी तरह सही है। इस बीच बेंगलुरु में उप मुख्यमंत्री शिव कुमार ने इन मुद्दों की जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा है।