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संसद में अब बिहार के एसआईआर पर टकराव और हंगामा

सरकार असली मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहतीः प्रियंका

  • खडगे ने उपसभापति को पत्र भी लिखा

  • कई पार्टियों ने इस पर संदेह व्यक्त किया

  • यह सरकार उत्तर देने से बचना चाहती है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चर्चा की मांग कर रहा है। इसी सिलसिले में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उपसभापति हरिवंश को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने एसआईआर पर तुरंत चर्चा कराए जाने की मांग की है।

खड़गे ने अपने पत्र में 21 जुलाई 2023 को राज्यसभा के चेयरमैन के एक बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सदन में इस पूरी दुनिया में चल रही किसी भी चीज़ पर चर्चा की जा सकती है, केवल एक को छोड़कर। उन्होंने बताया कि सदन में किसी सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज के व्यवहार पर चर्चा नहीं हो सकती है, लेकिन जज को हटाने या महाभियोग लाने की स्थिति में उस पर भी चर्चा की जा सकती है।

खड़गे ने पत्र में कहा, बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है और इसके बाद पश्चिम बंगाल, असम और अन्य राज्यों में भी यह प्रक्रिया होगी। विपक्ष के सांसद लगातार इस मामले पर तुरंत चर्चा की मांग कर रहे हैं। मैं अपनी पार्टी और सभी सहयोगी दलों की ओर से मांग करता हूं कि एसआईआर पर तुरंत चर्चा शुरू की जाए, क्योंकि इसे लेकर करोड़ों मतदाताओं के मन में संदेह है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम बहुत ही चिंताजनक है और इस पर संसद में चर्चा की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार जवाब देने को तैयार नहीं है। श्रीमती वाड्रा ने कहा कि विपक्ष का काम सवाल पूछना है और सरकार की जिम्मेदारी जवाब देना है, लेकिन मौजूदा सरकार ऐसा नहीं कर रही है।

टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने तो इसे सरकार की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, संसद इसलिए नहीं चल रही है क्योंकि यह देश की मांग है और एसआईआर सरकार की एक साजिश है। सिन्हा ने दावा किया कि भारत के चुनाव आयोग ने लक्ष्य बदल दिया है और 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के तेजस्वी यादव की लोकप्रियता को देखते हुए यह साजिश की जा रही है।

विपक्ष लगातार संसद में एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं। तेजस्वी यादव की पार्टी इस मुद्दे पर बिहार में एक यात्रा निकालने की तैयारी कर रही है, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।