चुनाव प्रचार का शुभारंभ हुआ, मोतिहारी का विकास भी मुंबई जैसा हो
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पटना को भी पुणे जैसा आगे बढ़ाना है
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गया को गुरुग्राम जैसा तैयार करना है
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बिहार को विकसित राज्य बनायेंगे
राष्ट्रीय खबर
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार के तीव्र विकास का अपना महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार वैश्विक पटल पर पूर्वी देश तेज़ी से प्रगति कर रहे हैं, उसी तरह अब पूर्वी राज्यों का युग आ गया है।
प्रधानमंत्री ने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वे मोतिहारी को पश्चिम के मुंबई जैसा, गया को गुरुग्राम जैसा और पटना को पुणे जैसा औद्योगिक रूप से विकसित देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि पूर्वी भारत को आगे बढ़ना है, तो बिहार को एक विकसित राज्य बनाना ही होगा। यह बयान बिहार के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य राज्य को देश के अन्य विकसित क्षेत्रों के समकक्ष लाना है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बिहार को 7200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं में तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से जुड़ी अन्य पहलें शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पूर्व की केंद्र सरकारों की उदासीनता के कारण बिहार विकास की दौड़ में पिछड़ा रहा।
आंकड़ों का हवाला देते हुए मोदी ने बताया कि यूपीए के 10 साल के शासनकाल में बिहार को केंद्र से मात्र 2 लाख करोड़ रुपये मिले थे, जबकि उनके अपने 10 साल के कार्यकाल में बिहार को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह वित्तीय सहायता राज्य के विकास की गति को तेज़ करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिससे अधोसंरचना, कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने मोतिहारी के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने याद दिलाया कि 1917 में महात्मा गांधी ने यहीं से अपने नील आंदोलन की शुरुआत कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी थी। मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि अब यही स्थान बिहार और पूरे भारत को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मोतिहारी में निर्मित 3 लाख नए घरों का उल्लेख किया, जबकि पूरे बिहार में ऐसे 60 लाख घर बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने इस आंकड़े की तुलना करते हुए कहा कि अकेले बिहार में बने लगभग 60 लाख घर नॉर्वे, न्यूज़ीलैंड और सिंगापुर जैसे देशों की कुल आबादी से भी अधिक हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवास संकट को दूर करने में महत्वपूर्ण रही है, जिससे लाखों परिवारों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन मिला है।
प्रधानमंत्री ने राज्य में हो रहे तेज़ विकास के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, विधवा माताओं और दिव्यांगजनों की मासिक पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये करने के लिए नीतीश कुमार की प्रशंसा की।
इसके अतिरिक्त, मोदी ने आने वाले समय में पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरियां देने और बिहार में जन्मी महिलाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण का वादा भी किया। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र, प्रधानमंत्री ने एक नया नारा भी गढ़ा, एक नया बिहार, फिर से बने एनडीए सरकार। इस नारे का सीधा अर्थ है कि एक नए, विकसित बिहार के निर्माण के लिए एनडीए सरकार का सत्ता में वापस आना अनिवार्य है।
तेजस्वी यादव ने पुराना वादा याद दिलाया
बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि लगभग 132 महीने पहले नरेंद्र मोदी ने मोतिहारी में चीनी मिल खुलवाकर उसकी चीनी से बनी चाय पीने का वादा किया था। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बनने के साढ़े 11 साल बाद भी मोदी ने अपन यह वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पीएम इस पर प्रायश्चित करेंगे एवं इसका दोषी सम्राट अशोक या चंद्रगुप्त मौर्य को ठहराएंगे।