रमेश देवशर्मा 16 को न्यूजीलैंड से लौटेंगे
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प्रणव मुखर्जी ने सम्मानित किया था
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एकनाथ शिंदे को बता दिया था भविष्य
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किसी सरकार या नेता से मदद नहीं ली
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से देश के बाहर रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदू भारतीयों के बीच उत्साह बढ़ा है। पिछले 10 जुलाई को न्यूजीलैंड में प्रवासी हिंदू भारतीय के संयुक्त मंच हिंदू सुरक्षा परिषद के प्रयास से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया गया था।
इस यज्ञ में मुख्य पुजारी के रूप में असम के कामाख्या मंदिर के पूर्व महा तांत्रिक-आचार्य, योग साधक और त्रिकालदर्शी ज्योतिषी रमेश देव शर्मा ने भाग लिया। 7 जुलाई को वह भारतीय समय के रात 7 बजे न्यूजीलैंड की ओर रवाना हुए और 8 जुलाई को भारतीय समय के दोपहर 2 बजे वह भारतीय दूतावास में उपस्थित हुए।
10 जुलाई को न्यूजीलैंड में हजारों प्रवासी हिंदू भारतीयों के सामने भारतीय हिंदू सभ्यता और भगवान विष्णु के दस अवतारों का वर्णन करते हुए विश्वरचयिता के आदर्श, जन कल्याण के संबंध में व्याख्या प्रस्तुत की। न्यूजीलैंड की राजधानी शहर नॉर्थ आइलैंड प्रांत में स्थित वेलिंगटन में इस यज्ञ का आयोजन किया गया था।
उल्लेखनीय है कि 2017 में देश के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ज्योतिषी, योग साधक तथा प्रसिद्ध तांत्रिक रमेश देव शर्मा को त्रिकालदर्शी अर्थात त्रिकालज्ञ ज्योतिषाचार्य सम्मान से विभूषित किया था। ज्ञात हुआ है कि इस तांत्रिक आचार्य के मार्गदर्शन के लिए महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद प्राप्त करने में सफल हुए थे। इसके बाद कृतज्ञता स्वरूप कामाख्या धाम में पूजा अर्चना करने के साथ-साथ मंदिर दर्शन करने के साथ-साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया था।
महाराष्ट्र के चुनाव से पहले नामांकन पत्र जमा करने से पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मां कामाख्या के दर्शन करके रमेश देवशर्मा की भविष्यवाणी और सलाह ली थी।लेकिन शर्मा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को बता दिया था कि 2024 में वह मुख्यमंत्री नहीं हो सकेंगे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व शर्मा, उनकी पत्नी रिणिकी भूषण शर्मा के मुख्य समर्थक के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन रमेश देवशर्मा ने कोई भी सरकार और राजनीतिक नेता का किसी भी प्रकार का राज सहायता नहीं ली है।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्वामी मुकेश अंबानी के साथ भी बहुत करीबी संबंध हैं। देश-विदेश में ख्याति प्राप्त इस ज्योतिषी हमेशा प्रचार से दूर रहते हैं और सामान्य लोगों में अधिक परिचित नहीं हैं। आगामी 15 जुलाई को त्रिकालदर्शी ज्योतिषाचार्य श्री शर्मा विश्व के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक, बांग्लादेश के रामना माँ काली मंदिर में आयोजित होने वाले यज्ञ में भाग लेंगे। 16 जुलाई को यह महान त्रिकालदर्शी तांत्रिक ज्योतिषाचार्य शर्मा भारत लौट आएंगे।