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गर्लफ्रेंड और जुए की आदत ने बना दिया था अपराधी

रंगदारी के मामले में विराज आनंद मोहाली से गिरफ्तार

  • मोबाइल लोकेशन से पकड़ा गया अभियुक्त

  • पूर्व में मेडिकल का छात्र भी रहा है वह

  • भारी कर्ज में डूब गया था अपने कारणों से

दीपक नौरंगी

भागलपुर, बिहार: भागलपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र के स्वर्णिका ज्वेलर्स से रंगदारी मांगने वाले मुख्य आरोपी विराज आनंद को पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने रंगदारी के एक गंभीर मामले का सफल उद्भेदन किया है, जिसमें कोतवाली इंस्पेक्टर अरुण कुमार की सराहनीय भूमिका रही है।

यह मामला तब सामने आया जब 22 जून 2025 को स्वर्णिका ज्वेलर्स के मालिक को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल नंबर 9798886327 से फोन कर रंगदारी की मांग की गई। जब ज्वेलर्स मालिक ने पैसे देने से इनकार किया, तो उसे जान से मारने और लूट की धमकी दी गई। इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए कोतवाली थाना में सं-73/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देश पर नगर-01 के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी विराज आनंद का पता लगाया। अथक प्रयासों के बाद टीम ने उसे पंजाब के मोहाली से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। भागलपुर के सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने एक प्रेस वार्ता कर इस गिरफ्तारी की विस्तृत जानकारी दी।

जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी विराज आनंद पूर्व में मेडिकल का छात्र रहा है, लेकिन ऑनलाइन जुए और व्यक्तिगत खर्चों के कारण वह भारी कर्ज में डूब गया था। इस कर्ज को चुकाने के लिए उसने अपराध का रास्ता चुना और बिहार के विभिन्न जिलों – पटना, सहसराम, पूर्णिया, बक्सर आदि में ज्वेलर्स और अन्य व्यवसायियों को फोन कर रंगदारी की मांग करने लगा।

भागलपुर में रंगदारी मांगने के दौरान आरोपी ने पीड़ितों को डराने के लिए मधेपुरा के उच्चाकर्षण यादव का नाम इस्तेमाल किया, ताकि वे जल्दी पैसे दे दें। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी ने अन्य कई मामलों में भी इसी तरह की धमकी देकर उगाही की कोशिश की थी।

गिरफ्तार किए गए आरोपी विराज आनंद के पास से वह मोबाइल फोन (जिससे रंगदारी की कॉल की गई थी), एक चेकबुक, आधार कार्ड और एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। गिरफ्तारी के दौरान विराज आनंद ने अपना पता सिघेश्वर थाना क्षेत्र, जिला मधेपुरा बताया है।

मामले की जांच कर रही एसआईटी में कोतवाली थाना प्रभारी अरुण कुमार, एसआई नितिन कुमार, राहुल कुमार, अमय कुमार एवं सिपाही शशिकांत और कमलेश कुमार शामिल थे। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी का किसी आपराधिक गिरोह से संबंध है या वह अकेले ही ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहा था। फिलहाल, विराज आनंद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उससे आगे की पूछताछ जारी है।