महेशतला गुट संघर्ष और दंगा के प्रयास में 28 लोग गिरफ्तार
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः महेशतला गुट संघर्ष में आरएसएस भी शामिल है, यह सवाल इसलिए उठ गया क्योंकि बजबाज में भारी मात्रा में बम बनाने वाले मसाले के साथ आरएसएस कार्यकर्ता गिरफ्तार हुआ है। उस बारूद को क्यों जमा किया गया था? पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरएसएस कार्यकर्ता रवींद्रनगर की घटना में शामिल है या नहीं।
इसके अलावा महेशतला की घटना में अब तक 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है। घटना में निचले स्तर के पुलिस कर्मियों की ओर से कोई लापरवाही है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरएसएस कार्यकर्ता का नाम नवीनचंद्र रॉय है। बताया जाता है कि वह भाजपा से भी जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक राहुल गोस्वामी ने बताया कि बुधवार रात बजबाज थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में बम बनाने वाले मसाले बरामद किए गए। उन मसालों को तीन मोटरसाइकिलों पर अन्य इलाकों में ले जाया जा रहा था।
पुलिस तलाशी के दौरान एक बाइक समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों के पास से सोडियम पाउडर, 10 किलो से अधिक एल्युमिनियम पाउडर, फॉस्फोरस पाउडर, लाल गंधक और लोहे का चूरा जब्त किया गया है। इन पांच में से एक का नाम नवीनचंद्र राय है। पुलिस का दावा है कि यह व्यक्ति पहले भी तनाव फैला चुका है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस कार्यकर्ता नवीनचंद्र राय ने रामनवमी के दिन महेशतला बाटा चौराहे पर लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर उत्पात मचाया था। इसे वीडियो फुटेज में देखा गया है। ऐसे व्यक्ति के पुलिस के जाल में फंसते ही सवाल उठता है कि क्या महेशतला के रवींद्रनगर इलाके में हुए उत्पात में नवीनचंद्र शामिल है?
क्या उसने उत्पात मचाने और अपराध के मकसद से भारी मात्रा में मसाला जमा किया था? पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अकरा संतोषपुर इलाके में फल की दुकान लगाने को लेकर हुए विवाद में बुधवार को रवींद्रनगर थाना क्षेत्र से 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि घटना में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
साथ ही स्थानीय पुलिसकर्मियों को अवैध निर्माण क्यों नहीं दिखा, इसकी भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें बुलाकर पूछताछ की जाएगी, ऐसा डायमंड हार्बर पुलिस जिला अधीक्षक राहुल गोस्वामी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोनल) मितुनकुमार दे ने कहा।
गौरतलब है कि बुधवार की सुबह अकरा संतोषपुर इलाके में फल की दुकान लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पहले कहासुनी हुई। बाद में यह मारपीट में बदल गई। दोनों गुटों के बीच अशांति शुरू हो गई। इलाके में जमकर तोड़फोड़ शुरू हो गई।
कई घरों की छतों से पत्थर फेंके गए। सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एडीजी दक्षिण बंगाल, डीआईजी प्रेसिडेंसी रेंज समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया। इलाके में धारा 163 लगा दी गई है।