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चीन और पाकिस्तान पर एक साथ नजरदारी की तैयारी

देश में बनेगा जासूसी विमान आई स्टार

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और चीन तथा पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों पर अपनी निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। देश में ही एक अत्याधुनिक जासूसी विमान, जिसे आई-स्टार नाम दिया गया है, विकसित किया जा रहा है।

यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ परियोजना के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। भारतीय वायुसेना को ऐसे तीन जासूसी विमान मिलने की उम्मीद है, जो इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन और रिकोनैसेंस की क्षमताओं से लैस होंगे। ये विमान दुश्मन के खेमे की हरकतों पर गुप्त और सटीक निगरानी रखने में सक्षम होंगे, जिससे भारतीय सेना को रणनीतिक लाभ मिलेगा।

शुरुआत में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन आई-स्टार विमान खरीदने का नीतिगत फैसला लिया है। उम्मीद है कि इसी महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण समिति इस मेक इन इंडिया परियोजना को औपचारिक मंजूरी दे देगी। यह कदम भारतीय वायुसेना की निगरानी क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा और उसे एयर टू ग्राउंड इंटेलिजेंस मुहैया कराएगा।

यह अत्याधुनिक खुफिया जानकारी भारतीय सेना को दुश्मन के रडार स्टेशनों और एयर डिफेंस यूनिटों जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर अधिक सटीकता से हमला करने में मदद करेगी। भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स के वैज्ञानिकों ने पहले ही आई-स्टार का सफल परीक्षण कर लिया है। यह दर्शाता है कि यह परियोजना सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

एक बार जब यह जासूसी विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाता है, तो यह भविष्य में पाकिस्तानी धरती पर होने वाले अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे भारतीय सेना को अधिक सफल और सटीक हमले करने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, आई-स्टार परियोजना भारत की रक्षा तैयारियों में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो देश को अपनी सीमाओं की प्रभावी ढंग से निगरानी करने और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने में सशक्त बनाएगी।