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चीन में निर्मित चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध

यूरोपीय संघ के इस फैसले से चीन सरकार नाराज

बीजिंगः यूरोपीय संघ (ईयू) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें चीन में बने सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है और इसका उद्देश्य चीन के साथ व्यापारिक संबंधों में संतुलन बनाना है।

चीनी सरकार ने इस निर्णय का विरोध किया है और कहा है कि वे अपने देश की कंपनियों के हितों और वैध अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय करेंगे। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब चीन ने हाल ही में यूरोपीय कंपनियों में बने चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे। इसके जवाब में ईयू ने यह कदम उठाया है। ईयू के इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय खरीद समझौतों पर कानून लागू करके इस तरह का प्रतिबंध लगाया है।

2022 के उस कानून के अनुसार, सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारस्परिक उपाय किए जा सकते हैं। यदि कोई देश यूरोपीय कंपनियों के लिए सरकारी खरीद बाजार को प्रतिबंधित करता है, तो ईयू जवाबी कदम उठा सकता है। ईयू ने सूचित किया था कि चीनी सरकार ने यूरोपीय कंपनियों में बने चिकित्सा उपकरणों की खरीद बंद कर दी है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों को लेकर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव के बीच यूरोपीय संघ के इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूरोपीय देशों की ओर से सख्त रुख के संकेत के बाद मंगलवार को बीजिंग ने अपना रुख नरम कर लिया। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता युकुन झांग ने कहा कि वे बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तैयार हैं।

इस निर्णय के बाद अब देखना यह है कि चीन और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों में आगे क्या होता है। क्या दोनों पक्ष बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझा पाएंगे या तनाव और बढ़ेगा? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है जिसका जवाब आने वाले दिनों में पता चलेगा। वर्तमान में पूरी दुनिया के देश फिलहाल अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे हैं।