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मामले की जांच में एनआईए की टीम पहुंची

माओवादियों ने लूट लिया था विस्फोटकों से भरा ट्रक

  • झारखंड की सीमा पर हुई थी लूट

  • चार टन विस्फोटक सारंडा में उतारा

  • तलाशी में सीआरपीएफ की टीम भी

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के के. बालांग थाना क्षेत्र में माओवादियों ने मंगलवार को करीब चार टन विस्फोटकों से भरे ट्रक की लूट के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने गुरुवार को मौके पर पहंचकर जांच शुरू की। यह घटना 27 मई को कथित तौर पर ओडिशा-झारखंड क्षेत्र के बांकुआ गांव में हुयी थी।

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 हथियारबंद माओवादियों ने सारंडा जंगल के पास बांकुआ के पास विस्फोटकों से भरे एक ट्रक को लूट लिया। ट्रक में मुख्य रूप से उत्खनन के लिए जिलेटिन की छड़ें भरी हुई थीं। माओवादियों ने बंदूक की नोक पर चालक को ट्रक सारंडा जंगल की ओर ले जाने को मजबूर किया, जहां उन्होंने विस्फोटकों को उतार दिया और ट्रक चालक को बिना नुकसान पहंचाये छोड़ दिया।

इस बीच, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के पुलिस बलों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मिलकर विस्फोटकों को बरामद करने के लिए माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले सारंडा जंगल में गहन तलाशी अभियान शुरू किया है। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाई खुरानिया ने तलाशी अभियान और सुरक्षा उपायों की रणनीति बनाने के लिए राउरकेला में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

जांच टीम ने ओडिशा-झारखंड सीमा को सील कर दिया गया है और लूटे गए विस्फोटकों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ के महानिरीक्षक और कमांडेंट भी तलाशी अभियान में संयुक्त बलों का समर्थन करने के लिए मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों की खेप के परिवहन के दौरान मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन नहीं किया गया था।

न तो खेप भेजने वाली कंपनी और न ही इसे प्राप्त करने वाली कंपनी ने पुलिस को इसके बारे में सूचित किया था। वैसे इस सूचना पर झारखंड पुलिस भी सक्रिय हो गयी है। वैसे भी सारंडा के इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी के कई प्रमाण मिले हैं क्योंकि सुरक्षा बलों के साथ उनकी यदा कदा मुठभेड़ भी होती रही है। घने जंगलों के बीच माओवादियों ने इतने अधिक विस्फोटक को कहां छिपा रखा है, इसकी तलाश भी की जा रही है।