हमला हुआ तो भागते नजर आये पाकिस्तानी रेंजर
नईदिल्लीः ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। सांबा, आरएसपुरा, अखनूर और सुंदरबनी सेक्टरों में बीएसएफ ने न केवल पाकिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ को नाकाम किया, बल्कि जवाबी गोलाबारी में दुश्मन की 70 से अधिक पोस्टों को भारी नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, घुसपैठ के लिए तैयार किए गए तीन आतंकी लॉन्च पैड को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी विस्तृत जानकारी और पाकिस्तानी के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का वीडियो जारी किया। फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि भारत पाकिस्तान में पनाह लिए आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
इस स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से किसी नापाक हरकत की आशंका भी थी। 22 अप्रैल के बाद ही बीएसएफ ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी थी और जवानों की संख्या में भी इज़ाफ़ा किया गया था। इस दौरान देखा गया कि पाकिस्तानी रेंजरों ने अपनी अग्रिम चौकियों पर आना छोड़ दिया था और उनकी गतिविधियां सीमा से थोड़ी दूर स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट तक ही सीमित हो गई थीं। बीएसएफ की रणनीति इसके उलट थी; हमारे जवान अपनी अग्रिम चौकियों पर डटे रहे और पाकिस्तानी गतिविधियों पर पैनी नज़र बनाए रखी।
आईजी शशांक आनंद ने बताया, सात मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च होने से पहले ही हमने अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली थीं। हमें आशंका थी कि पाकिस्तान नापाक हरकत करेगा, इसलिए हमने खुद को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा था।
आईजी ने जानकारी दी कि खुफिया एजेंसियों से बीएसएफ को इनपुट मिले थे कि सीमा पार से फायरिंग की आड़ में आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं। ऐसे में सीमा की चौकसी और बढ़ा दी गई। आठ मई की रात को गश्त और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से पाकिस्तान के सियालकोट में 40-50 लोगों की गतिविधि का पता चला।
बीएसएफ ने इस समूह पर लगातार नज़र रखी। जब यह समूह तेज़ी से सीमा की ओर बढ़ रहा था, तो बीएसएफ ने हमला कर दिया। इसके तुरंत बाद पाकिस्तानी पोस्ट से बीएसएफ की पोस्ट पर हमला हुआ, लेकिन हमने हर हमले को नाकाम कर दिया। सुंदरबनी सेक्टर के डीआईजी वरिंदर दत्ता ने बताया कि हमारे पास पुख्ता जानकारी थी कि लूनी आतंकी लॉन्च पैड से आतंकी सीमा पार से फायरिंग की आड़ में घुसपैठ करेंगे।
इसके बाद, हमने रणनीति के तहत चार अलग-अलग मोटर पोजीशन सेट किए, जिससे दुश्मन भ्रमित हो गया। हमने एक साथ गोलाबारी की ताकि पाकिस्तान जवाबी हमला न कर पाए, जिसके परिणामस्वरूप लूनी को ध्वस्त किया जा सका। डीआईजी सेक्टर मुख्यालय जम्मू चित्रपाल ने बताया पाकिस्तान के उन बंकरों और चौकियों को भी ध्वस्त किया, जहाँ से वे हमारी पोस्ट पर हमले कर रहे थे। गोलाबारी के दौरान देखा गया कि उनके जवान अपनी पोस्ट छोड़कर भाग रहे थे।
बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने घोषणा की कि पाकिस्तान से लोहा लेते हुए शहीद हुए दो सीमा प्रहरियों के सम्मान में दो सीमा चौकियों का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, सांबा में एक पोस्ट का नाम सिंदूर रखने का प्रस्ताव है। इन प्रस्तावों को बल के मुख्यालय और सरकार को भेजा जाएगा।