निगरानी संस्था ने कहा कहीं कोई विकिरण नहीं
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने राहत की कुछ खबर की घोषणा की है। विश्व में परमाणु गतिविधियों पर नजर रखने वाले संगठन ने मंगलवार को पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि उसके पास पाकिस्तान में किसी भी परमाणु हथियार भंडार से रेडियोधर्मी उत्सर्जन के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
भारत-पाक सीमा पर तनाव के बीच खबर फैली थी कि पाकिस्तान की किराना हिल्स में परमाणु हथियार छिपे हुए हैं। और यहीं पर भारतीय वायु सेना ने हमला किया। हालांकि वायुसेना ने इस खबर की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। सवालों के जवाब में एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, हमारे पास जो जानकारी है उसके अनुसार पाकिस्तान के किसी भी परमाणु संयंत्र से कोई विकिरण नहीं निकला है।
2005 में स्थापित आईएईए यह निगरानी करता है कि कहीं रेडियोधर्मी संदूषण तो नहीं हो रहा है, तथा इसे रोकने के लिए विश्व भर में प्रयासों का समन्वय करता है। इस संगठन का मुख्यालय ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में है। भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु-सशस्त्र देश हैं। इसलिए, इन दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष ने दुनिया भर के विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच चिंता पैदा कर दी। हालाँकि, अंततः दोनों देश युद्धविराम पर सहमत हो गये। हालाँकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान की परमाणु धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उसके बाद से सोशल मीडिया में यह कहानी फैलने लगी कि कैराना हिल्स में परमाणु विकिरण होने की सूचना है। कुछ लोगों ने आगे बढ़ते हुए वहां से लोगों को हटाने तथा ब्रह्मोस मिसाइल से हमला होने तक की जानकारी दे दी। सोशल मीडिया पर कई विशेषज्ञों ने इसके पक्ष में भी दलीलें दी।
यह भी कहा गया कि वहां विकिरण रोकने के लिए बोरोन से लदे जहाज वहां पहुंचाये गये हैं। गुरुवार को कश्मीर के दौरे पर गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, मेरा पूरी दुनिया से सवाल है कि क्या परमाणु हथियार ऐसे गैरजिम्मेदार और दुष्ट देश के हाथों में सुरक्षित हैं? साथ ही उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में रखा जाना चाहिए।
संयोगवश, यदि कहीं भी रेडियोधर्मी विकिरण होता है, तो इसका न केवल उस क्षेत्र पर बल्कि आसपास के विशाल क्षेत्र पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ता है। अब अंतर्राष्ट्रीय निगरानी एजेंसी का औपचारिक बयान आने के बाद यह सारी कहानियां हवा में फुस्स हो गयी है।