राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, यह युग युद्ध का नहीं है
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आतंकवाद के साथ कोई समझौता नहीं
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पानी और खून भी एक साथ नहीं बहेगा
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दुनिया ने पाकिस्तान की हरकत देखा है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पुराने रवैये को स्पष्ट करते हुए कहा भारत हमेशा से ही शांति के मार्ग पर चला है पर इसका यह अर्थ नहीं लगाना चाहिए कि वह देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को सहन करता रहेगा। पाकिस्तान के साथ चार दिनों के युद्ध के संबंध में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद जिस तरीके से पाकिस्तानी सेना उनके समर्थन में खड़ी हो गयी, इससे साफ हो गया कि यह वह आतंकवाद का समर्थक है और भारत अब भविष्य में इसकी कोई छूट नहीं देने जा रहा है।
आतंकवादी ठिकानों पर हमला के बाद के घटनाक्रमों पर बोलते हुए श्री मोदी ने कहा कि एक तरफ दुनिया ने देखा कि किस तरह पाकिस्तान इन आतंकवादियों के समर्थन में खड़ा हुआ। करीब एक सौ की संख्या में मारे गये आतंकवादी बार बार भारत पर हमला करते थे और पाकिस्तानी सेना के संरक्षण में वहां खुलेआम घूमते थे।
अब भारत इस स्थिति को सहन करने की स्थिति में कतई नहीं है। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम तक नहीं लिया और कहा कि जब पाकिस्तान से डीजीएमओ की तरफ से भारत को संदेश मिला तो हमने अस्थायी तौर पर इसे स्वीकार किया क्योंकि जो प्रारंभिक लक्ष्य था, वह पूरा हो चुका था। श्री मोदी ने फिर यह संकल्प दोहराया कि अगर पाकिस्तान की तरफ से कोई गलती हुई तो भारत इसी भाषा में पूरी ताकत के साथ उसका उत्तर भी देगा।
उन्होंने इसी क्रम में साफ कर दिया कि बार बार परमाणु हथियार का धौंस दिखाने से अब काम नहीं चलेगा। अगर पाकिस्तान कोई गलती करता है भारत उसी हिसाब से तुरंत अपनी कार्रवाई करेगा। देश के तमाम सुरक्षा बलों को इसके लिए साफ निर्देश दे दिये गये हैं।
देश के तमाम सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि रक्षा तंत्र में भारतीय विशेषताओं को भी पूरी दुनिया ने देखा है। इस दौर के युद्ध में भारत द्वारा विकसित तमाम हथियार कारगर साबित हुए जिन्होंने पाकिस्तानी हथियारों को तिनके की तरह बिखेरकर रख गया। हमने दिखा दिया है कि भारत अगर आक्रमण की सोच के साथ आगे बढ़ेगा तो वह क्या कर सकता है। इस बात को पाकिस्तान को भविष्य् के लिए याद रख लेना चाहिए। आधुनिक दौर के युद्ध उपकरणों में भारतीय उपकरण पूरी तरह सफल साबित हुए हैं, जिन्होंने पाकिस्तानी हमलो को रोकने में सफलता पाने के अलावा पाकिस्तान के भीतर जाकर भी अपनी ताकत प्रदर्शित कर दी है।
श्री मोदी ने साफ कर दिया कि सुरक्षा बलों को यह साफ निर्देश है कि पाकिस्तान की तरफ से अगर फिर कोई आक्रामक कार्रवाई होती है तो इसी तेवर के साथ उसका उत्तर भी दिया जाए। अब भारत इस किस्म की हरकतों को सहन करने की स्थिति में नहीं है। चूंकि हमारा देश शांति के मार्ग पर चलता है इसलिए हम अपनी तरफ से युद्ध की पहल कभी नहीं करते हैं, यह हमारा सिद्धांत है। फिर भी अगर कोई इस स्थिति का लाभ उठाना चाहता है तो उसके लिए पाकिस्तान में और पाकिस्तान की सेना के खिलाफ की गयी यह कार्रवाई उदाहरण है। अंत में श्री मोदी ने यह भी साफ कर दिया कि अब स्थिति सामान्य होने पर ही पाकिस्तान से बात होगी और अब आगे की बातचीत सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर की वापसी पर होगी।
दोनों देशों से कहा था युद्ध रोको नहीं तो व्यापार बंदः ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भाषण दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों पर संघर्ष समाप्त करने के लिए दबाव डाला है। उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी भी दी कि अन्यथा व्यापार पर असर पड़ेगा। उन्होंने दोनों पक्षों पर संघर्ष रोकने के लिए दबाव डाला, अन्यथा उनके साथ कोई कारोबार नहीं किया जाएगा।
सोमवार को व्हाइट हाउस में अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने भारत-पाकिस्तान पर टिप्पणी की। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने दोनों देशों के बीच तत्काल युद्धविराम की मध्यस्थता की है। उन्हें यह भी उम्मीद है कि यह एक स्थायी युद्धविराम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच एक भयानक संघर्ष टल गया है। दोनों देशों के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं। ऐसा लग रहा था कि कोई भी देश रुकना नहीं चाहता था। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने इस स्थिति में मध्यस्थता करके दोनों देशों के साथ व्यापार बंद करने की धमकी दी है।