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साइबर से जुड़े कार्य कर रहे हैं लोगों पर सरकार रखे निगरानी, देखें वीडियो

  • नागालैंड के लाइसेंसी हथियारों की जांच हो

  • भागलपुर में तीन करोड़ की साइबर ठगी हुई

  • लाइसेंसी हथियार मामले में केंद्रीय एजेंसी पर सवाल

दीपक नौरंगी

भागलपुरः बिहार पुलिस मुख्यालय के 1994 बैच के आईपीएस पंकज दराद ने जम्मू कश्मीर में पहलगाम में हुए हमले के बाद एक अलर्ट सा जारी किया है और कई गंभीर बिंदुओं का उसमें उल्लेख किया है लेकिन बड़ी-बड़ी जांच एजेंसी को गंभीरता पूर्वक ध्यान देना चाहिए कहीं आगे किसी प्रकार की देशद्रोही और अन्य कोई घटना ना हो

इसको लेकर हर गंभीरता पूर्वक जिस जिस राज्य में देशद्रोही और अन्य बड़े गंभीर संबंधित मामले में जो लोग जेल गए हैं उनकी जांच पड़ताल होनी चाहिए लेकिन कहीं ना कहीं यह सवाल बड़ी-बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसी पर जब उठने लगता है जब बड़ी घटना हो जाती है और जांच एजेंसी को मालूम तक नहीं पड़ता की इतनी बड़ी घटना भी हो सकती है।

देखें उन्होंने क्या कहा

जिस तरह से हाल फिलहाल केंद्र में बीजेपी की सरकार है और जो केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्य करने का तरीका है वह अपने आप में कहीं ना कहीं सवालों के घेरे में जब आता है हमेशा विपक्ष या अन्य पार्टी आरोप  लगाती है कि केंद्र की सरकार अपने हित के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल करती है

बड़ी-बड़ी जांच एजेंसी के डायरेक्टर को गंभीरता पूर्वक वैसे संदिग्ध लोगों की जांच करनी चाहिए जो पहले देशद्रोही सहित अन्य गंभीर मामले में जेल जा चुके हैं और जमानत पर बाहर हैं ऐसे लोगों की हर गतिविधि की जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसी को अपने स्तर से रखनी चाहिए और राज्य स्तर से इस मामले में डीजीपी को भी निगरानी रखनी चाहिए लेकिन घटना घटने के बाद ही सभी लोग अलर्ट होते हैं

पहले से ही यदि गंभीरता पूर्वक इन गंभीर बिंदुओं पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी घटनाओं को टाला भी जा सकता था कई ऐसे साइबर के कारोबार है जहां वीडियो एडिट करने के नाम पर सोशल मीडिया के नाम पर कार्य किया जा रहे हैं ऐसे कैसे पर भी बिहार पुलिस हैडक्वाटर को निगरानी रखनी चाहिए।