ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों के खिलाफ तीसरा मोर्चा
सानाः इस बार, ब्रिटेन ने यमन के गृहयुद्ध में हस्तक्षेप किया, अमेरिका के साथ मिलकर हौथी विद्रोहियों के शिविरों पर हमला किया। सऊदी अरब और अमेरिका के बाद इस बार ब्रिटेन अफ्रीकी देश यमन में चल रहे गृहयुद्ध में सीधे तौर पर शामिल हो गया है।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसके टाइफून लड़ाकू विमानों ने लाल सागर में तैनात अमेरिकी सेना के साथ मिलकर हौथी विद्रोही शिविरों पर हमले किए। दरअसल यह हौथी विद्रोही ईरान के समर्थन से हथियार प्राप्त कर चुके हैं और उसका इस्तेमाल समुद्र में जा रहे जहाजों के अलावा कई मौकों पर इजरायल के खिलाफ भी कर चुके हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की कैबिनेट के निर्णय के बाद रॉयल एयर फोर्स ने पहली बार यमन के गृहयुद्ध में भाग लिया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली ने एक बयान में कहा, हमारा ऑपरेशन सफल रहा।
संयोगवश, 7 अक्टूबर 2023 को स्वतंत्रता समर्थक सशस्त्र फिलिस्तीनी समूह हमास द्वारा किए गए हमले और उसके जवाब में गाजा पट्टी पर इजरायल के हमले की शुरुआत के बाद से, ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हौथी यमन के तट से लाल सागर की ओर जाने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर मिसाइल हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने इज़रायली क्षेत्र को निशाना बनाकर मिसाइलें भी दागी हैं। हमले के जवाब में, अमेरिका और इजरायल यमन में हौथी-नियंत्रित क्षेत्रों पर ड्रोन, हवाई और मिसाइल हमले कर रहे हैं। इसके अलावा, यमन में सऊदी समर्थित सुन्नी मुस्लिम सरकार शिया विद्रोही समूह, हौथियों के खिलाफ जमीनी अभियान चला रही है।
लेकिन राजधानी सना के उत्तरी हिस्से अभी भी हूथियों के नियंत्रण में हैं। हौथी विद्रोहियों पर आरोप है कि उन्हें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ-साथ लेबनानी शिया समूह हिजबुल्लाह से भी वित्तीय और सैन्य सहायता मिलती है। इससे पहले कई बार सामान्य किस्म के नजर आने वाले समुद्री जहाजों की जांच कर उनसे हथियार बरामद किये गये हैं, जो ईरान द्वारा इन्हीं विद्रोहियों के लिए भेजे जा रहे थे।