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चुनाव आयोग का खेल और तरीका अब उजागर हो चुका

जीत के अंतर से ज्यादा वोट काटे गये हैं

  • बंगाल की मतदाता सूची का राज

  • पिछले चुनाव के आंकड़ों से मिलान

  • टीएमसी की जीत वाली सीटों का खेल

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा, दोनों के चुनावी समीकरणों को उलझा दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत के अंतर की तुलना में मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या कहीं अधिक है।

सबसे पहले सत्ताधारी दल पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की जांच करते हैं। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने 43 ऐसी सीटें जीती थीं जहाँ जीत का अंतर 10,000 से 50,000 मतों के बीच था। इनमें से 41 निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर के तहत हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा है।

इन निर्वाचन क्षेत्रों में कोलकाता की 11 में से 7 सीटें शामिल हैं, जिनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर भी है। 2021 के मुख्य चुनाव में भवानीपुर से तृणमूल के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चटर्जी ने 28,719 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। पिछले साल दिसंबर में प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में 44,787 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे, जिनमें से अधिकांश को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित किया गया था। SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवानीपुर में 3,893 और मतदाताओं के नाम हटाए गए। हालांकि, बाद में सितंबर 2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने इसी सीट से 58,835 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

यही स्थिति उत्तर 24 परगना के औद्योगिक बेल्ट से लेकर दक्षिण-पश्चिम कोलकाता की बेहाला पूर्व और पश्चिम सीटों और दक्षिण में सोनारपुर तक की 12 अन्य सीटों पर भी देखी जा रही है। 2021 से राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी भाजपा, मतदाता सूची से इन निष्कासनों के आधार पर ही बंगाल में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठी है।

पिछले विधानसभा चुनाव में, तृणमूल ने 40 ऐसी सीटें जीती थीं जहाँ जीत का अंतर 10,000 से कम था। सबांग और पटाशपुर को छोड़कर, अन्य सभी सीटों पर एसआईआऱ के तहत की गई कटौती जीत के अंतर से बहुत ऊपर है। उदाहरण के तौर पर, दांतन में तृणमूल उम्मीदवार की जीत का अंतर मात्र 623 वोट था, जबकि 11,000 से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इसी तरह, पूर्वी मिदनापुर के तामलुक में जीत का अंतर 793 था, जबकि लगभग 9,000 नाम काटे गए हैं। उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में जीत का अंतर 941 था, जबकि वहां करीब 16,000 नाम हटाए गए हैं।