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एनजीओ का कारनामा जानकर हैरान हो गये पास पड़ोस के लोग

समाजसेवा के नाम पर मानव तस्करी का धंधा

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जयपुरः चुन चुनकर गरीब परिवारों से लड़कियों को खरीदा जाता है और उन्हें बहुत सारे पैसों के लिए दूल्हों को बेच दिया जाता है! राजस्थान में एक ‘स्वयंसेवी’ संगठन के कारनामे उजागर होने के बाद वहां से लोग भी हैरान है। आरोप है कि गरीब परिवारों की लड़कियों को खरीदने के बाद उन्हें भावी पतियों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

राजस्थान में एक स्वयंसेवी संगठन द्वारा इस बिक्री की कहानी हाल ही में प्रकाश में आई है। एक 16 वर्षीय लड़की किसी तरह संगठन के चंगुल से भाग निकली और उसने पूरी घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके तुरंत बाद पुलिस ने राजस्थान में उस स्वयंसेवी संगठन के कार्यालय पर छापा मारा। संगठन की प्रमुख गायत्री विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार संगठन का कैंप राजस्थान के जयपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर बोसी इलाके के सुजानपुरा गांव में है। संगठन का नाम गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन है। गांव वालों को पता था कि यह संगठन देश के विभिन्न हिस्सों से गरीब लड़कियों को बचाकर लाता है और उनकी शादी अच्छे लोगों से कराता है।

हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संगठन के कर्मचारी बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से गरीब लड़कियों को खरीदते थे। इसके बाद वे उन्हें शादी कराने के बहाने बड़ी रकम लेकर भावी दुल्हनों को बेच देते थे। दुल्हन की कीमत उसकी त्वचा के रंग और ऊंचाई के आधार पर तय की जाती थी।

पुलिस को पता चला है कि प्रत्येक लड़की को लगभग 5 लाख रुपया में बेचा जा रहा था। नाबालिगों को विवाह योग्य दिखाने के लिए फर्जी आधार कार्ड भी बनाए गए। पिछले रविवार को उत्तर प्रदेश की एक नाबालिग लड़की संगठन के अड्डे से भागकर पुलिस थाने पहुंच गई। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस कंपनी के कार्यालय गई और मालिक गायत्री तथा उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि चूंकि संगठन का कार्यालय गांव के सबसे दूर स्थित है, इसलिए उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।