Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कोई भी हिंदू बन सकता है RSS प्रमुख..." नागपुर में मोहन भागवत का बड़ा एलान, अंग्रेजी भाषा के इस्तेमाल... Greater Noida: प्रिया की मौत बनी पहेली; अवैध संबंध, हरिद्वार में गुप्त शादी और तलाक का क्या है कनेक्... Kota Building Collapse: कोटा हादसे में जान गंवाने वालों की हुई पहचान, सामने आई इमारत गिरने की असली व... Ghaziabad Suicide Case: 3 शादियां और लिव-इन पार्टनर; 3 बच्चियों की मौत का जिम्मेदार क्या पिता है? जा... बंगाल: SIR नोटिस का खौफ! हादसे में परिवार खत्म होने के बाद भी पेशी पर पहुंचा युवक, सिस्टम पर उठे गंभ... Micro LED vs Mini LED: माइक्रो एलईडी और मिनी एलईडी टीवी में क्या अंतर है? खरीदने से पहले जानें कौन स... How to Remove Dark Circles: आंखों के नीचे काले घेरों से चाहिए छुटकारा? अपनाएं ये 5 आसान उपाय, महंगी ... T20 World Cup: मोहम्मद सिराज ने बना लिया था विदेश जाने का मन, फिर एक फोन कॉल ने बदल दी किस्मत; जानें... Border 2 Box Office Day 16: सनी देओल का तूफान, 'बॉर्डर 2' ने पार किया 300 करोड़ का आंकड़ा; सलमान-आमि... Kalashtami 2026: कालाष्टमी पर 'शिववास योग' का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कष्ट निव...

अरुणाचल सीमा से सटे इलाके में चीन का तीन नया हेलीपोर्ट तैयार

एलएसी से सिर्फ 20 किमी दूरी, भारत की चिंता

  • चीन ने अरुणाचल को अपना इलाका बताया

  • कई इलाकों का नया नामकरण भी किया गया

  • इस इलाके को लेकर फिर से तनाव की स्थिति

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: चीन एक तरफ भारत के साथ स्थिति सामान्य करने की बात करता है, दूसरी तरफ वह सीमा पर लगातार अपना सैन्य ढांचा मजबूत करने में लगा हुआ है। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी का, भारत की सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर 3 नया हेलीपोर्ट पूर्ण हो गया है। सैटेलाइट इमेजरी के विशेषज्ञ भारतीय सेना के अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी है।

भारतीय सेना के अधिकारी  ने बताया है कि अरुणाचल प्रदेश के फिशटेल्स सेक्टर के पास एक नया हेलीपोर्ट बना रहा है, जो भारतीय सीमा से महज 20 किमी की दूरी पर है। इस सुविधा से चीन की अग्रिम चौकियों पर सैनिकों को तेजी से भेजने की क्षमता में वृद्धि होगी और सीमा पर उसकी गश्त में सुधार होगा।

चीन ने इसके पहले जुलाई में पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो पर अपने कब्जे वाले क्षेत्र में एक पुल का निर्माण पूरा किया था, जिससे उसके लिए क्षेत्र सैनिकों की आवाजाही आसान हो गई है। सैटेलाइट इमेज ने बताया था कि जुलाई महीने में ही चीन ने ब्लैक टॉपिंग का काम पूरा कर लिया था। चीनी सेना के पुल निर्माण के बारे में जनवरी 2022 में सबसे पहले जानकारी आई थी। यह पुल झील के सबसे संकरे हिस्से पर बनाया गया है। जुलाई में बनकर तैयार हुआ पुल चीनी सेना की गतिशीलता को बढ़ाता है।

इसके साथ ही यह तुरंत ऑपरेशन शुरू करने के लिए आवश्यक समय को कम करने में मदद करता है। यह चीनी सैनिकों को उनके टैंकों के साथ रेजांग ला के क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद करेगा। यह वही इलाका है, जहां 2020 भारत ने चीनियों को मात दी थी। सिर्फ यही दो मामले नहीं है। चीन ने इसी साल अप्रैल में झिंजियांग के हॉटन में अपना दूसरा रनवे सक्रिय किया है।

इस रनवे के चालू होने से उसे संघर्ष की स्थिति में सैनिकों और उपकरणों की तैनाती बढ़ाने में मदद मिलेगी। हॉटन पूर्वी लद्दाख के सबसे नजदीकी चीनी बेस है। भारत और चीन में तनाव के दौरान हॉटन एयरबेस चीनी सैन्य अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भारत ने भी पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी सैन्य सुविधाओं को बढ़ाया है।

हाल ही में चीन ने अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों का नाम बदल दिया है, जिसे भारत ने यह कहते हुए खारिज़ कर दिया कि आविष्कृत नाम निर्दिष्ट करने से इस वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आएगा कि राज्य भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय ने ज़ंगनान (अरुणाचल प्रदेश का चीनी नाम) के मानकीकृत भौगोलिक नामों की चौथी सूची जारी की, जिस पर बीजिंग दक्षिण तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है।भारत-चीन सीमा विवाद 3,488 किलोमीटर की साझा सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे और जटिल क्षेत्रीय विवादों को संदर्भित करता है।

विवाद के मुख्य क्षेत्र पश्चिमी क्षेत्र में स्थित अक्साई चिन और पूर्वी क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश हैं। चीन पूरे अरुणाचल प्रदेश राज्य पर दावा करता है और इसे दक्षिण तिब्बत कहता है। भारत इस क्षेत्र को पूर्वोत्तर राज्य के रूप में प्रशासित करता है तथा अपने क्षेत्र का अभिन्न अंग मानता है।