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देशरत्न आए फ्लाई ओवर नीचे

भारत के प्रथम राष्ट्रपति की जयंती तीन दिसंबर को

  • देश के प्रथम राष्ट्रपति का अब डोरंडा के पास ऐसा हाल

  • कई वर्षों से उपेक्षित पड़ी है प्रतिमा

  • संविधान दिवस मनाने में याद नहीं आयी

  • कायस्थ और कांग्रेस दोनों की नजरों से दूर

प्रकाश सहाय

रांचीः एक कहावत है ऊंट आया पहाड़ नीचे ..लेकिन यहां तो विरासत का पर्वत ही साक्षात फ्लाईओवर के नीचे नजर आ रहा है। यह कोई आज की घटना नहीं है बल्कि पिछले 3 साल से देशरत्न की यही नियति रही है।

हाल के दिनों में पूरे देश सहित रांची में भी संविधान दिवस पर खूब भाषण हुए, सेमिनार चर्चा परिचर्चा का दौर भी खूब चला, स्कूल कॉलेज से लेकर राजनीतिक गलियारे तक बाबू राजेंद्र प्रसाद के खूब कसीदे पढ़े गए।

लेकिन रांची के राजेंद्र चौक जिसका अब नाम निशान भी मिट गया है। वहां देशरत्न राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर किसी की नजर नहीं गई। फ्लाईओवर के नीचे मूक भाव से आती जाती गाड़ियों को निहार रही है यह प्रतिमा …चारों तरफ शोर शराबा है ..इनके सर के ऊपर एक मुट्ठी भर आसमान भी नहीं बचा है। हवा पानी बारिश सब कुछ छिन गया है देशरत्न से।

विडंबना है कि कायस्थ जाति के संगठनों ने भी देशरत्न की प्रतिमा की सुध नहीं ली। कांग्रेस के दिग्गज भी इसी मार्ग से गुजरते रहे लेकिन उनकी नीची नजर से दूर रहे देशरत्न।

अब कल देशरत्न का जन्म दिवस है तो फूल माला चढ़ाने वाले भक्त शायद कल कुछ देर के लिए फोटो खिंचाने जुट जाएं लेकिन एक बात तो तय है कि इस मॉडर्न इंडिया में भारत के महापुरुषों की आत्मा कलपती तो जरूर होगी।