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पहले हाथी मरा और अब ग्रामीण मारा गया

पार्क और गेस्ट हाउस बनाने में जुटे रहे विभागीय अफसर


राष्ट्रीय खबर

 

चाकुलियाः इंसानी आबादी के पास हाथियों के झूंड के जमे होने से खतरे की आशंका पहले ही व्यक्त की गयी थी। वन विभाग ने बार बार स्थानीय लोगों द्वारा दी गयी इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।

विभागीय अफसर दरअसल जंगल और वन्य जीवन संरक्षण के मुकाबले गेस्ट हाउस और पार्क बनाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इसका नतीजा है कि आज सुबह हाथियों ने एक ग्रामीण को मार दिया। जिसके बाद विरोध के स्वर और तेज हो गये हैं।

यह पहले ही बताया गया था कि जंगली हाथियों का एक बड़ा झूंड इस इलाके में है। वे भोजन की तलाश में अक्सर ही आबादी के करीब चले आते हैं। विभाग ने इस सूचना पर ध्यान देते हुए हाथियों को सुरक्षित घने जंगल की तरफ भेजने का कोई प्रबंध नहीं किया।

हाथियों को उनकी मर्जी पर ही छोड़ दिया गया था। इसी बीच गत 19 जुलाई को खेत में एक हाथी के मृत पाये जाने के बाद माहौल बदलता गया। चाकुलिया प्रखंड के दारीसोल गांव में यह हाथी एक खेत के बीच मरा हुआ पाया गया था।

सूचना पर विभागीय अफसर पहुंचे और पोस्ट मार्टम के पास मामले को रफा दफा कर दिया। हाथियों के सामाजिक जीवन में यह ज्ञात है कि आम तौर पर हाथी कहीं भी उम्र की वजह से नहीं मरते। इसलिए खेत में हाथी के मरने का कारण क्या था, यह ज्ञात नहीं हो पाया।

वैसे ग्रामीण मानते हैं कि एक हाथी के मरने के बाद ही हाथी काफी उग्र आचरण करने लगे थे। इसी क्रम में आज सुबह हाथियों ने ढिग्घी और चोटिया ग्राम में  एक एक ग्रामीण को मार दिया है। जिसके बाद ग्रामीण अपने स्तर पर विरोध में उतर आये हैं।