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North Korea Election 2026: किम जोंग उन को मिले 99.93 फीसदी वोट, क्या है उत्तर कोरियाई चुनाव का असली मकसद? जानें ‘शो इलेक्शन’ का पूरा सच

नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने 99.93% वोटों के साथ संसदीय चुनाव जीत लिया है. हाल ही में सर्वोच्च सदन (सुप्रीम पीपुल्स असेंबली) के लिए मतदान हुआ, जिसमें खुद किम जोंग उन ने एक कोयला खदान में जाकर अपना वोट डाला था. लोकतंत्र वाले देशों के उलट, यहां चुनाव का मकसद सरकार बदलना नहीं, बल्कि किम जोंग उन की सत्ता पर मुहर लगाना होता है. किम जोंग उन की इस जीत पर एक बार फिर नॉर्थ कोरिया की जनता ने मुहर लगाई है.

बताया जाता है कि नॉर्थ कोरिया वोट डालना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जिसे निभाना हर नागरिक के लिए अनिवार्य होता है. दरअसल, नॉर्थ कोरिया की सर्वोच्च सदन के लिए 15 मार्च को चुनाव कराए गए थे. इस चुनाव में खुद सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने भी मतदान किया. नॉर्थ कोरिया मीडिया ने किम के वोट डालने का एक वीडियो पोस्ट किया था. इसमें किम जोंग उन एक कोयला खादान में मतदान करते नजर आ रहे हैं. नॉर्थ कोरिया चुनाव आयोग के मुताबिक करीब 99.1 प्रतिशत लोगों ने इस चुनाव में अपने मतों का प्रयोग किया. यह चुनाव 5 साल के लिए कराए गए हैं.

सदन में विपक्ष की कोई भूमिका नहीं

नॉर्थ कोरिया में सर्वोच्च सदन ही सरकार के सभी क्षेत्रों में कानून बनाती और नीतियों का प्रबंधन करती है. किम जोंग उन इस सदन के नेता होते हैं. सदन में विपक्ष की कोई भूमिका नहीं होती है. देश हित में सभी फैसले किम जोंग उन के द्वारा ही लिए जाते हैं. एक तरह से मानकर चलिए कि किम एक तानाशाह हैं और उनके आगे किसी की भी नहीं चलती है. किम का आदेश आखिरी होता है. हाल ही में कराए गए चुनाव भी सिर्फ औपचारिकता मात्र हैं. यही वजह है कि किम जोंग उन बिना किसी विरोध के चुनाव जीत गए. माना जाता है कि किम जोंग उन काफी क्रूर शासक हैं. उन पर अपने चाचा, भाई और अन्य कई लोगों की हत्या का भी आरोप हैं.

किम जोंग उन को विरासत में मिली सत्ता

दरअसल, नॉर्थ कोरिया के तानाशाह यानी सुप्रीम लीडर किम जोंग उन को सत्ता विरासत में मिली है. किम नॉर्थ कोरियाई सेना के प्रमुख भी हैं. उनके पास नॉर्थ कोरिया के सभी बड़े अधिकार हैं. किम ही आखिर फैसला करते हैं. हालांकि, वहां एक सर्वोच्च सदन भी है, जिसे सुप्रीम पीपुल्स असेंबली कहा जाता है. यहां पर किम सरकार से जुड़े सभी फैसले लेते हैं. नॉर्थ कोरिया पीपुल्स असेंबली में कुल 687 सीटें हैं. इन सीटों पर किम की वर्कर्स पार्टी गठबंधन सहयोगियों के सहारे मैदान में उतरती हैं.

नॉर्थ कोरिया में मतदान न करना राजद्रोह के सामान

बताया जाता है कि पीपुल्स कोरिया के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के संविधान में मतदान का अधिकार है. 17 साल से अधिक उम्र के नागरिक चुनाव में उतर सकते हैं और वोट डाल सकते हैं. चाहे वो किसी भी विचारधारा को मानता हो. नॉर्थ कोरिया में मतदान न करना राजद्रोह के सामान है. यानी सभी नागरिकों के लिए मतदान करना आवश्यक है. चीन और रूस में रहने वाले उत्तरी कोरिया के नागरिकों को भी वोट डालने का अधिकार है.