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तीस साल बाद हजारीबाग इलाके में बाघ आने की सूचना

तीन मवेशियों की मौत के बाद भी सो रहा है वन विभाग


  • पन्ना टाईगर रिजर्व से गायब है कन्हैया

  • तीन ग्रामीणों का पता चला, जो पीड़ित है

  • घायल होकर लौटी गाय ने घर पर दम तोड़ा


राष्ट्रीय खबर

रांचीः हजारीबाग नेशनल पार्क में दशकों बाद बाघ होने की सूचना के बाद भी वन विभाग की सुस्ती कई सवाल खड़े कर रही है। वन विभाग के अधिकारी बाघ के इस  इलाके मे होने की न तो पुष्टि कर रहे हैं और ना ही खंडन कर रहे हैं। दूसरे सूत्र बता रहे हैं कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक वहां बाघ है और उसके पैरों के निशान से ही स्पष्ट है कि वह बहुत विशाल आकार का है।

मामले की छानबीन के क्रम में पता चला है कि पास के गांव के तीन लोगों के मवेशियों का अचानक शिकार हुआ था। जिन लोगों के मवेशी किसी अज्ञात जंगली जानवर द्वारा मारे गये हैं, उनके नाम उमेश यादव, गणेश यादव और राजेंद्र यादव बताया गया है। इनमें से एक ग्रामीण की गाय हमले में घायल होने के बाद किसी तरह भागकर लौट आयी थी और उसने घर लौटने के बाद दम तोड़ा है।

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पुराने लोग मान रहे हैं कि जिस तरीके से मवेशियों का शिकार किया गया था, वह किसी बाघ का ही काम हो सकता है। दूसरी तरफ वन विभाग की तरफ से इस बारे मे कोई पहल नहीं की गयी है। जानकारी मांगे जाने पर पहले तो बाघ होने से साफ तौर पर इंकार किया गया था। इस बीच ग्रामीणों से माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर जब मवेशियों के मारे जाने पर सवाल पूछा गया तो यह जानकारी दी गयी कि पंजों के निशान लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। वहां से पुष्टि होने  के बाद ही यह बताया जा सकेगा कि यह बाघ है अथवा नहीं।

ऐसे बयान उनलोगों के हैं, जिन्हें प्रशिक्षण के दौरान खास तौर पर जंगली जानवरों के पैरों के निशान पहचानने की जानकारी विशेष तौर पर दी जाती है। एक जिम्मेदार वन अधिकारी के मुताबिक पंजों का यह निशान एक सप्ताह से पहले देखा गया था।

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उसकी जांच के लिए देहरादून भेजा गया है। वहां से सत्यापन होने के बाद ही यह कहा जा सकता है कि यह वास्तविक में किस मांसाहारी प्राणी के पग मार्क हैं। कभी रॉयल बंगाल टाईगर के लिए प्रसिद्ध इस  जंगल में करीब तीस वर्षों से कभी बाघ नजर नहीं आया है। वहां पर लोमड़ियों की बहुतायत है।

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इसलिए विभाग के स्तर पर यह जताने की भी कोशिश हो रही है कि यह दरअसल लोमड़ियों का हमला भी हो सकता है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय खबर के पास जो पंजों के निशान आये हैं, उससे यह बाघ ही नजर आ रहा है और आकार की वजह से यह बहुत बड़े आकार का वयस्क बाघ है। छान बीन में यह जानकारी भी आयी है कि कन्हैया नाम का एक बाघ पन्ना टाईगर रिजर्व से अभी गायब है।

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अनुमान है कि वह जंगलों में इधर उधर भटकता हुआ पलामू और चतरा होते हुए यहां आ गया है। अब जानकारी मिली है कि विभाग ने अज्ञात प्राणी की तलाश के लिए जंगली इलाके में कैमरा लगाए हैं। बरकट्ठा के इलाके में बाघ के होने पर पूछे जाने पर विभागीय अधिकारियों ने कहा अभी एक टीम इसकी जांच कर रही है। वहां से टीम के लौट आने के बाद भी पक्के तौर पर कुछ बताया जा सकेगा।