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अभिनेता देव ने भाजपा को फर्जी आंकड़ों पर फंसा दिया

  • भाजपा की तरफ से यही था आरोप

  • यूपी का पैसा कभी नहीं रोका गया है

  • अब नये सिरे से टीएमसी हमलावर हुई

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम बंगाल के घाटल से तृणमूल संसद देव ने लिखित रूप से जानना चाहा कि 100 दिनों के काम और मनरेगा परियोजना के तहत राज्यवाड़ी के कितने फर्जी जॉब कार्ड रद्द किए गए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मंगलवार को अभिनेता-सांसद देव के सवाल का लिखित जवाब दिया।

इससे पता चलता है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में देशभर में जितने फर्जी जॉब कार्ड रद्द किये गये हैं, उनकी संख्या बंगाल में बहुत कम है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में अधिक संख्या में जॉब कार्ड रद्द किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री की ओर से दिए गए पत्र के मिलने के बाद तृणमूल ने भाजपा पर हमला बोला है।

दरअसल पश्चिम बंगाल की योजनाओं का पैसा रोके जाने के लिए भाजपा की तरफ से फर्जी जॉब कार्ड को ही एक मुद्दा बनाया गया था। अब मंत्री के जबाव से ही उस आरोप की हवा निकल गयी है और यह साफ हो गया है कि केंद्र ने जिस आरोप में बंगाल का पैसा रोका है, उसमें कोई दम नहीं है।

सांसद सह फिल्म अभिनेता देव ने मूल रूप से दो सवाल उठाए। एक, किसी भी राज्य में कितने जॉब कार्ड रद्द किये गये हैं।  दो, क्या केंद्र सरकार ने फर्जी जॉब कार्ड रोकने के लिए कोई कदम उठाया है? केंद्रीय मंत्री ने लिखित में कहा, फर्जी कार्डों को रद्द करना और अपडेट करना एक सतत प्रक्रिया है। राज्य वह अभ्यास चला रहे हैं। फर्जी कार्ड रोकने के लिए आधार लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 में देशभर में 10 लाख 50 हजार 401 फर्जी जॉब कार्ड रद्द किए गए। इनमें उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 3 लाख 64 हजार 401 फर्जी कार्ड रद्द किये गये। इसके बाद ओडिशा का स्थान है – एक लाख 65 हजार 150।। इसके बाद क्रमशः मध्य प्रदेश और बिहार का स्थान है।

दोनों राज्यों में दो साल में एक लाख से अधिक फर्जी जॉब कार्ड रद्द किये गये हैं। वहाँ बांग्ला? ऐसा प्रतीत होता है कि पिछले दो वर्षों में ममता बनर्जी के राज्य में रद्द किए गए फर्जी जॉब कार्डों की संख्या 5,651 है। बंगाल से ऊपर हैं झारखंड, राजस्थान। झारखंड में रद्द जॉब कार्ड की संख्या 94 हजार 201 है। राजस्थान में 60 हजार 428।

संयोग से, अभिषेक सहित तृणमूल नेता लंबे समय से दावा कर रहे हैं कि भाजपा द्वारा बताई जा रही फर्जी जॉब कार्ड की कहानी निराधार है। अगर फर्जी जॉब कार्ड पैसा रोकने का मापदंड है तो योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश से पहले पैसा रोका जाना चाहिए। अभिषेक ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो जांच होनी चाहिए और सजा मिलनी चाहिए।

लेकिन केंद्र सरकार सबका पैसा रोककर बंगाल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नष्ट करना चाहती है। हालांकि, भाजपा का दावा है कि सिर्फ फर्जी जॉब कार्ड ही नहीं, बल्कि अन्य अनियमितताओं के चलते भी केंद्र ने बंगाल का पैसा रोका है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के सहारे तृणमूल एक बार फिर भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरने की कोशिश कर रही है।