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रेल हादसे में चार मरे सैकड़ों घायल

  • घटनास्थल पर पहुंच स्थानीय ग्रामीण बने देवदूत

  • रास्ता साफ करने में जुटी है रेलवे की पूरी टीम

  • इस मार्ग की 31 ट्रेनें कैंसल व 95 का रूट डायवर्ट

राष्ट्रीय खबर

बक्सरः बक्सर और आरा के बीच रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के समीप विरान में दिल्ली से गुवाहाटी जा रही गाड़ी संख्या 12506 नॉर्थ-ईस्ट एक्सप्रेस बुधवार-गुरुवार की रात्रि करीब 9.50 बजे दुर्घटना ग्रस्त हो गई। इस दौरान ट्रेन की सभी 21 बोगियां पटरी से उतर गईं, जिनमें एसी-3 टियर की दो बोगियां पलट गईं। इस हादसे में 4 यात्रियों की मौत होने की सूचना है जबकि सैकड़ों घायल हैं। मगर घायलों की स्थिति देख मौत के आंकड़े बढ़ने की संभावना है, स्थानीय सुत्रो के अनुसार राहत व बचाव दल तकरीबन दो घंटे के पश्चात मौके पर पहुंचे।

मगर ऐन मौके पर आसपास के सैकड़ों लोग देवदूत बनकर पहुंचे व घायलों को निकाल अस्पताल भेजवाये। नजदीकि रघुनाथपुर गांव सहित आस-पास के की गांवों से युवाओं की फौज ने प्राथमिक रूप से यात्रियों की मदद की। कोई पीने का पानी लाया तो कोई खाना। रेस्क्यू टीम को पहुंचने में 2 घंटे लगे। तब तक ग्रामीणों ने 150 से ज्यादा लोगों को बोगियों से बाहर निकाला लिया था तथा जरुरतमंदों को अस्पताल पहुंचाया था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रात को कोई सो रहा था तो कोई सोने की तैयारी में था इसी दौरान ट्रेन दुर्घटना की खबर आग की तरह फ़ैल गई। लोगों को जानकारी मिली की हादसा बड़ा है। लोगों की मदद करनी चाहिए। बिना देरी किए लोग घटनास्थल की ओर निकल पड़े। मौके पर काफी अंधेरा था मोबाइल के रौशनी में बोगियां जमीन पर बिखरी नजर आई। लोग चीख रहे थे। मदद मांग रहे थे। महिलाएं और बच्चों की रुदन से माहौल गमगीन हो गया था लोगों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सैकड़ो घायल, फंसे रोते-चिल्लाते लोगों को बोगियों से बाहर निकाला। घायलों, जरूरतमंदों को अस्पताल भेजवाया गया।

इस दौरान करीब 2 घंटे के बाद रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। फिर भी लोग बिना हारे डटे रहे और रेस्क्यू टीम के साथ लोगों की मदद में जुटे रहे। रुप को क्लियर करने के लिए रेलवे जुटा हुआ है। हादसे के दूसरे दिन भी दिल्ली-हावड़ा रेल रूट ठप है। ट्रैक पर नॉर्थ-ईस्ट एक्सप्रेस की 21 बोगियां बिखरीं पड़ी हैं। इसे क्लियर करने में 300 से ज्यादा कर्मचारी लगे हुए हैं। रेलवे के मुताबिक रात तक एक ट्रैक शुरू किया जा सकता है। हादसे के बाद से अब तक 31 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। 95 का रूट डायवर्ट किया गया है।

सुबे के मुखिया नीतीश कुमार ने घटना की शोक जताई है तथा मृतकों के परिजनों को चार लाख व घायलों को 50 हजार की मुआवजा राशि देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हादसे पर बात करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि ये रेलवे का मामला है। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।

वहीं गुरुवार की सुबह केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी घटना स्थल पर पहुंचे व स्थिति का जायजा लिया। वहां के अधिकारियों से बचाव कार्य की जानकारी भी ली। सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है। रेस्क्यू का एक पार्ट हो गया है। लाइन क्लियर करने का काम शुरू हो गया है।

उनका पूरा फोकस इसी बात पर है। हादसे पर पीएम समेत कई सीनियर लीडर ने चिंता जताई है। अश्विनी चौबे ने कहा कि 4 लोगों की मौत हुई है। करीब 75 लोगों को चोटें आई है। स्थानीय लोगों ने बहुत मदद की, जिसके कारण घायलों को रेस्क्यू करना आसान हुआ।  भाजपा नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि दुर्घटना कैसे हुई, ये तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। फिलहाल लोगों को बचाना जरूरी है।