Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बस्तर में इंद्रावती नदी से मिली नाबालिग छात्र की लाश, 4 दिन पहले स्टूडेंट हुआ था लापता कोल लेवी घोटाला : सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की संपत्ति कुर्क, 540 करोड़ का है घोटाला वैशाली नगर में राजू खान को लेकर बीजेपी में विवाद, थाने में शिकायत हुई दर्ज छत्तीसगढ़ में पैसे के लिए भाई का मर्डर, आधी रात को वार कर उतारा मौत के घाट 3 माह 10 दिन की बच्ची की अचानक मौत से बवाल, परिजनों ने टीकाकरण पर लगाए आरोप देश में चमकेगा जबलपुर का हरा सोना, मटर महोत्सव में जबलपुरी मटर को मिली नई उपाधि मरने से पहले भोपाल के कमलापति आर्च ब्रिज पर बनाई रील, सोशल मडिया पर पोस्ट शहडोल के ब्यौहारी इलाके में आतंक का पर्याय 007 गैंग, 5 बदमाश गिरफ्त में रेत माफिया ने किया वन अमले पर पथराव, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, डंपर छुड़ा ले गए घर से निकलने से पढ़ लें खबर, बदल गया इंदौर मेट्रो का टाइम, जानें नया शेड्यूल

अयोध्या में मंदिर का उदघाटन जनवरी में करेंगे मोदी

  • शुभ मुहूर्त 21 से 24 जनवरी के बीच

  • ट्रस्ट के नेताओँ ने इस पर बैठक की

  • अंतरिम बजट भी इसके बाद आयेगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः दिल्ली में जी 20 सम्मेलन में राम मंदिर के उद्घाटन दिवस को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। जिससे लोकसभा चुनाव की अटकलें तेज हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी 21 से 24 जनवरी के बीच किसी शुभ दिन पर मंदिर का उद्घाटन करेंगे।

भाजपा नेतृत्व का लक्ष्य मंदिर निर्माण को ध्यान में रखते हुए आगामी लोकसभा चुनाव में हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण करना है।  इसके बीच ही संसद का वह सत्र भी आयोजित होगा, जिसके एजेंडे के बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं दी गयी है। दरअसल विरोधियों को उलझाये रखने के बीच फिर से हिंदू वोट को अपने पाले में करने की यह नरेंद्र मोदी की चाल हो सकती है।

नरेंद्र मोदी सरकार ने जनवरी में राम मंदिर का उद्घाटन करने की योजना बनाई थी। जहां जी 20 राष्ट्राध्यक्षों की आज दिल्ली में बैठक हुई, वहीं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नेताओं ने राम मंदिर के उद्घाटन की अंतिम तारीख तय करने के लिए अयोध्या में बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, उस बैठक में फैसला लिया गया कि 21-24 जनवरी के बीच किसी शुभ दिन पर मंदिर का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा।

हालांकि रामलला की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा का काम 14 जनवरी से शुरू होगा। एक सूत्र के मुताबिक, 22 जनवरी की तारीख ही तय होने की संभावना है। माना जा रहा है कि अंतरिम बजट उस उद्घाटन के बाद बनाया जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके बाद लोकसभा चुनाव की घोषणा करने की योजना बनाई है।

भाजपा नेतृत्व का लक्ष्य विपक्ष पर जीत हासिल करने के लिए लोकसभा से पहले हिंदुत्व की भावना को भड़काने के लिए राम मंदिर कार्ड का उपयोग करना है। पार्टी का मकसद लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राम मंडी के उद्घाटन को लेकर देश में उन्माद पैदा करना है। लेकिन राम मंदिर की स्थापना के बाद इसका क्रेज जारी रहेगा या नहीं, इसमें संशय है। हाल ही में उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल से धूपगुड़ी उपचुनाव में अपने समीकरणों को साधने में भाजपा को मिली विफलता की वजह से ऐसा संदेह व्यक्त किया जा रहा है।