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सुदेश के संगठन की ताकत का एहसास हो रहा

  • झामुमो के निशाने पर आजसू प्रमुख

  • कोरोना में संगठन मजबूत करते रहे सुदेश

  • ओबैसी की सभा में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा

राष्ट्रीय खबर

रांचीः कोरोना काल में जब शेष राजनीतिक दलों की गतिविधियां सीमित थी, आजसू प्रमुख सुदेश महतो लगातार अपने संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे थे। अब फिर से एक उपचुनाव आने के बाद उस काल के प्रयास का परिणाम राज्य सरकार को दिख रहा है। उन्होंने अपनी नई और ऊर्जावान टीम की मदद से हेमंत सोरेन की सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यही वजह है कि अब झामुमो ने भाजपा और आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो पर हमला बोला। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि लंबे समय से भाजपा में रहे सुदेश महतो के अपने संस्कार हैं, यही कारण है कि वे न केवल एक महिला बेबी देवी बल्कि स्वर्गीय जगरनाथ का भी अपमान कर रहे हैं।

सरकार का हर मंत्रालय महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग दिया। क्या यह कोई विभाग नहीं है? सुदेश महतो कह रहे हैं कि हेमंत सोरेन एक महिला और जगरनाथ महतो की पत्नी के जरिए शराब बेच रहे हैं। चुनाव जीतने के लिए कोई इतने निचले स्तर तक कैसे गिर सकता है? जब इसका जनता में विरोध हो रहा है तो ये लोग चुनाव आयोग के पास जा रहे हैं। झामुमो ने चुनाव आयोग से सुदेश महतो को डुमरी में चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाने की मांग की है।

भट्टाचार्य ने कहा कि स्वर्गीय जगरनाथ महतो जीवन भर ओबीसी वर्ग, स्थानीय लोगों की शिक्षा, ओबीसी आरक्षण, 1932 खतियान और झारखंडियों की शिक्षा के लिए संघर्ष करते रहे। जब जगरनाथ महतो का निधन हुआ तो सुदेश महतो उनकी चिता के सामने खड़े हो गये और कहा कि वह जगरनाथ दा के परिवार के साथ खड़े हैं।

ये वही सुदेश महतो हैं, जब बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्रित्व काल में ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी से घटाकर 14 फीसदी कर दिया गया था। ये वही सुदेश महतो हैं, जब रघुवर सरकार ने 1985 के आधार पर खतियान आधारित स्थानीय नीति बनाई थी और उनके नेता चंद्रप्रकाश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आज वही सुदेश महतो न सिर्फ स्वर्गीय जगरनाथ महतो के परिवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारे, बल्कि उनकी पत्नी और परिवार का भी अपमान कर रहे हैं।

इस दावेदारी के बीच इस उपचुनाव में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगने का मुद्दा भी गरमा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि डुमरी उपचुनाव के लिए एआईएमआईएम उम्मीदवार पर झारखंड के गिरिडीह जिले में पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की सार्वजनिक रैली के दौरान लगाए गए कथित ‘पाकिस्तान समर्थक‘ नारे के लिए मामला दर्ज किया गया है।

गिरिडीह के उपायुक्त (डीसी) नमन प्रियेश लाकड़ा ने बताया कि एआईएमआईएम उम्मीदवार अब्दुल मोबिन रिजवी, कार्यक्रम के आयोजक मुजफ्फर हसन नूरानी और अन्य के खिलाफ डुमरी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद हुई, जिसमें सुना गया कि बुधवार को ओवैसी के भाषण के दौरान दर्शकों में से किसी ने पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया।यह नारा सही में लगा था अथवा कई अवसरों के जैसा इसे साजिश के तहत प्रसारित किया गया है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पायी है। फिर भी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का लाभ किस तरह जाता है, यह सभी को पता है।