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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर लगाया  बड़ा आरोप

  • राहुल ने कहा घृणा की राजनीति का परिणाम ऐसा

  • राहुल के बाद हिमंत बिस्वा सरमा का बयान

  • एक जनजाति पर हाईकोर्ट के फैसले से आग

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: मणिपुर के कई जिलों में सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के संघर्ष प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरतने से तनाव व्याप्त है। सबसे अधिक अस्थिर चुराचंदपुर जिले में अधिकारियों ने सोमवार सुबह कर्फ्यू में तीन घंटे की ढील दी।

चुराचांदपुर के जिलाधिकारी शरत चंद्र अरोजू ने एक अधिसूचना में कहा कि कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के आकलन के आधार पर आगे की ढील की समीक्षा की जाएगी और अधिसूचित किया जाएगा।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर हिंसा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नफरत की राजनीति का नतीजा है।

गांधी ने आज कहा कि मणिपुर में जो हो रहा है उसकी वजह नफरत की राजनीति है। अगर मणिपुर आज जल रहा है तो यह नफरत की राजनीति के कारण है। हमने नफरत की इस राजनीति के खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा शुरू की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर मणिपुर जल रहा है , वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर्नाटक में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मणिपुर की स्थिति पर गहरी पीड़ा व्यक्त की थी और केंद्र से शांति बहाल करने के लिए आग्रह किया था।

कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने भी कहा था कि भाजपा के सरकार बनने के 15 महीने से भी कम समय में पूरा मणिपुर राज्य आग की लपटों में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मणिपुर के मुख्यमंत्री घेरे में हैं मोदी-शाह कर्नाटक का ध्रुवीकरण करने में व्यस्त हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा की नफरत, बंटवारे की राजनीति और सत्ता का लालच मणिपुर की स्थिति के लिए जिम्मेदार है। गौरतलब है कि मणिपुर में मेइती समुदाय और नागा/कूकी जनजातियों के बीच अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर दंगे भड़क उठे थे। मेइती समुदाय मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं तथा नागा और कुकी जनजाति पहाड़ी जिलों के निवासी हैं।

दूसरी ओर, पीएम मोदी पर राहुल गांधी के आरोपों के बाद असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत सरमा ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सोनिया अपने बेटे को राजनीति में लाने के लिए 20 साल से अकेले लड़ रही हैं।लेकिन सोनिया गांधी के प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकला है।एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।

मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कहा, उनकी मां को राहुल गांधी की चिंता है कि उन्हें मजबूती से कैसे राजनीति में जमाया जाए। इसके लिए सोनिया गांधी पिछले 20 वर्षों से इसके लिए अकेले लड़ रही हैं।राहुल गांधी कर्नाटक में प्रचार कर रहे हैं और कांग्रेस के सत्ता में आने पर राज्य में बेरोजगार युवाओं को 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया है।

उन्होंने यह भी वादा किया है कि आगामी कांग्रेस सरकार किसानों के कल्याण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। कांग्रेस के शीर्ष नेता पर हमला बोलते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, आज राहुल गांधी कर्नाटक के लोगों को गारंटी दे रहे हैं। लेकिन उनकी गारंटी कौन लेगा?

एक दिन वह लंबी दाढ़ी के साथ दिखाई देते हैं और दूसरे दिन वह क्लीन शेव हो जाते हैं। कभी वह आलू बनाने वाली मशीनों की बात करते हैं तो कभी अन्य चीजों का जिक्र करते हैं।सीएम ने केरल की वायनाड सीट से पिछला लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भी राहुल गांधी की आलोचना की।

सीएम ने कहा कि केवल एक हार के बाद राहुल गांधी अमेठी और उत्तर प्रदेश छोड़कर केरल चले गए। पिछले पांच सालों में, वह कभी अमेठी नहीं गए। वहां के लोग अभी भी भ्रमित हैं कि उन्होंने इतने लंबे समय तक गांधी परिवार को वोट क्यों दिया।

असम के मुख्यमंत्री ने दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के कांग्रेस के चुनावी वादे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हिंदू कभी भी आतंकवादी नहीं होते। कांग्रेस, बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से इसलिए करना चाहती थी ताकि पश्चिमी मीडिया को यह बताया जा सके कि हिंदू भी आतंकवादी होते हैं।