Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गोलाबारी और घुसपैठ का दौर खत्म, अब पर्यटन की नई पहचान बन रहे जम्मू-कश्मीर के LoC से सटे सीमावर्ती गा... Kinner Kailash Yatra 2026 Registration Date: किन्नर कैलाश यात्रा 30 जुलाई से शुरू! ऑनलाइन रजिस्ट्रेश... हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं के 'पेपर लीक' पर छिड़ा सियासी संग्राम, AAP नेता अनुराग ढांडा ने बीजेपी क... भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में फिर गरमाई सियासत, परिजनों ने प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरो... जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान PM मोदी के खिलाफ बने आपत्तिजनक वीडियो पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, सोश... जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद देश की सियासत में बड़ा बदलाव, Gen Z को साधने में जुटे PM मोदी और ... इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, मकर द्वार पर NDA सांसदों ने लगाए 'प्रधान जिंदाबाद' के न... PoK में भारी तनाव और हिंसा के बीच 27 जुलाई से विधानसभा चुनाव शुरू, 3 चरणों में होगी वोटिंग बिहार बंद के दौरान सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की लड़ाई तेज, असली संगठन बताने को लेकर आमने-सामने आए दोनों गुट

पैदल चलने भर से बिजली उत्पादन का प्रयोग सफल

  • पहले पहल इसे जनसमर्थन नहीं मिला था

  • अब तो लोग नियमित तौर पर यहां आते हैं

  • पैदल चलते मोबाइल चार्ज करने की सुविधा

लंदनः लोग पैदल चलते जा रहे हैं और इसी पैदल चलने की वजह से बिजली का उत्पादन हो रहा है। ब्रिटेन के टेलफोर्ड शहर का यह प्रयोग अब सफल माना जा रहा है। दुनिया भर में लगातार बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच इस किस्म से बिजली उत्पादन को एक बेहतर विकल्प भी माना गया है। दरअसल इस तरीके से बिजली उत्पादन में कोई खर्च भी नहीं है।

पैदल चलते लोग ही इसकी लागत है। जैसे जैसे लोग इस सड़क पर पैदल चलते हैं, वैसे ही बिजली अपने आप तैयार होती है। इस प्रयोग के लिए वहां खास सड़क बनी है। इस सड़क पर पैदल चलने से ही बिजली का उत्पादन होने लगता है। फिलहाल इसे पैदल चलने वालों के लिए सिर्फ छह फीट चौड़ा रखा गया है।

साथ ही लोगों ने जांच कर यह देखा है कि इस पैदल पथ बिजली संयंत्र से उत्पादित बिजली से वे अपना मोबाइल चार्ज कर पा रहे हैं। लोगों को और जागरूक बनाने के लिए यह उपाय भी किया गया है कि लोग खुद यह देख सकें कि उनके खुद के पैदल चलने से कितनी बिजली का उत्पादन हुआ है। इस कोशिश को पहले पहल जनसमर्थन नहीं मिला था।

अब शहर की काउंसिलर कैरोलिन हेइली ने कहा कि लोगों ने अब आने जाने के दौरान थोड़ी दूर इस खास पैदल पथ पर चलने का एक नियम बना लिया है। अब तो शहर के काफी लोग नियमित तौर पर यहां सिर्फ इसी काम के लिए आते हैं। इनमें से कई ऐसे भी हैं, जिन्हें इस बिजली की आवश्यकता नहीं है। वह नियमित व्यायाम के लिहाज से यहां पहुंचते हैं और यह देखकर जाते हैं कि उनके पैदल चलने के कितनी बिजली का उत्पादन हुआ है।

इसे पावर पाथ का नाम दिया गया है, जिसमें इंसानी पैर के दबाव से बिजली का उत्पादन जमीन के नीचे होता है। सड़क के ऊपर जब भी कोई पैदल चलता है तो यह काम अपने आप प्रारंभ हो जाता है। प्रदूषण रहित यह उपाय इस शहर के अलावा दुबई और हॉंगकॉंग में भी किया गया है। वहां भी कई सड़क सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए हैं, जहां इस तरीके से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।