मध्यप्रदेश के दो प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज हो गये
अब कोई मुकाबला नहीं रहा
कांग्रेस ने कहा अदालत जाएंगे
पांच के बाद होगा इसका एलान
राष्ट्रीय खबर
भोपाल: मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एकमात्र खाली पड़ी सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों—कांटे सयन्ना और कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी—के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की निर्विरोध जीत लगभग तय हो गई है। चुनाव अधिकारी के अनुसार, नाम वापसी की अंतिम तिथि यानी 5 नवंबर को परिणाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। नामांकन पत्रों की जांच के अंतिम दिन कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राजकुमार लोहानी और कांग्रेस नेता हेमंत कटारे व आतिफ अकील ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनका आरोप था कि पुरी द्वारा फॉर्म 26 में प्रस्तुत किया गया हलफनामा अधूरा और अमान्य है।
हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने इन आपत्तियों पर विचार करने के बाद पाया कि हरदीप पुरी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है और उनके नामांकन पत्र में कोई खामी नहीं पाई गई। आपत्ति खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता हेमंत कटारे और विधायक आतिफ अकील ने फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया है। एक संयुक्त बयान जारी कर उन्होंने कहा, यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। इतनी बड़ी खामियों के बावजूद नामांकन खारिज न किया जाना निराशाजनक है।
विपक्षी उम्मीदवारों का नामांकन खारिज होने और हरदीप सिंह पुरी का पर्चा वैध पाए जाने के बाद अब उनका राज्यसभा पहुंचना तय है। इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश से अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को दोबारा वहां से नामित न करके मध्य प्रदेश के इस उपचुनाव में उतारने का निर्णय लिया था।