रक्षा तकनीक में निजी निवेश का पहला राज खुल गया
सिंगल टेंडर से काम दिया गया है
आपात स्थिति का हवाला भी दिया
नमूनों की जांच के बाद स्वीकृति होगी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः हैदराबाद स्थित रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने अपनी मिसाइलों के लिए ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति हेतु तीन साल में पहली बार किसी निजी कंपनी का रुख किया है। हालांकि, इस निर्णय ने हित-संघर्ष और औचित्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीडीएल ने आपात स्थिति का हवाला देते हुए बिना किसी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के एक सिंगल टेंडर जारी किया। यह टेंडर उस कंपनी को दिया गया है, जिसे बीडीएल के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सिद्धार्थ मिश्रा तथा उनकी पत्नी ने मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद शुरू किया था। वर्तमान में, ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड नाम की इस कंपनी में 95 प्रतिशत स्वामित्व सिद्धार्थ मिश्रा की पत्नी शांभवी मिश्रा के पास है।
इस साल मई में, बीडीएल ने ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी को 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति के लिए सिंगल टेंडर जारी किया। यह आपूर्ति सात महीने के भीतर की जानी है, जिससे पहले कंपनी द्वारा आपूर्ति की गई पांच नमूना इकाइयों का स्वीकृति और सत्यापन परीक्षण पूरा किया जाएगा। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के अनुसार, ऐंद्री डिफेंस एडवाइजरी ने तकनीकी मूल्यांकन चरण को पार कर लिया है और इस टेंडर के लिए 56.8 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। फिलहाल बीडीएल द्वारा इसकी वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया जारी है।
बता दें कि सिंगल टेंडर एक गैर-प्रतिस्पर्धी तरीका है, जिसमें केवल एक ही विक्रेता को बोली के लिए आमंत्रित किया जाता है। नियम केवल तब इसकी अनुमति देते हैं जब आवश्यकता अत्यंत जरूरी हो या केवल एक ही आपूर्तिकर्ता उस मांग को पूरा कर सकता हो। इस टेंडर में आपूर्तिकर्ता को कम से कम 15 वर्षों के लिए रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल हेतु तकनीकी सहायता देना अनिवार्य है।
ऑप्टिकल साइट्स एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के लक्ष्यीकरण प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, जो इन्फ्रारेड विकिरण को विद्युत संकेतों में बदलकर लक्ष्य को ट्रैक करने में मदद करते हैं। बीडीएल के पोर्टफोलियो में कोंकर्स-एम मिसाइल शामिल है, जिसके निर्माण और आपूर्ति के लिए 2022 में भारतीय सेना के साथ 3,131.82 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था।