प्रेस कांफ्रेंस कर असम के मुख्यमंत्री ने राहुल को कोसा
जब जीतते हैं तो स्वीकार करते हैं
तमिलनाडु और केरल में कैसे हुआ
सिर्फ दबाव बनाने की राजनीति है
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीःअसम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वोट चोरी का आरोप लगाकर देश के लोकतांत्रिक संस्थानों को नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में ही बनी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरमा ने कहा, जिस चुनाव प्रक्रिया से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उसी चुनाव के जरिए राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने हैं। अगर पीएम मोदी वोट चोरी से चुने गए हैं, तो राहुल गांधी भी उसी वोट चोरी से नेता प्रतिपक्ष बने हैं। उन्होंने आगे पूछा, आज राहुल गांधी को असम और बंगाल के नतीजों पर आपत्ति है। लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्हीं सीईसी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में तमिलनाडु और केरल में आपकी गठबंधन सरकारें कैसे बनीं? अगर असम का चुनाव गलत है, तो केरल का सही कैसे? और यदि बंगाल का चुनाव झूठा है, तो तमिलनाडु का क्यों नहीं?
सरमा ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, पहले आपने चुनाव आयोग को धमकाया, और अब आप सुप्रीम कोर्ट को धमका रहे हैं। राहुल गांधी हमारे देश के हर लोकतांत्रिक संस्थान को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। आज वे 2,000-3,000 लोगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बाहर हंगामा करने पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चुनाव हारने के बाद कोर्ट के बाहर अराजकता फैलाने की यह परिपाटी शुरू हुई, तो कोई भी नेता जनता के बीच जाकर मेहनत करने के बजाय हारते ही वोट चोरी का बहाना बनाने लगेगा।
राहुल गांधी के तांडव वाले बयान पर प्रहार करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा, जो व्यक्ति जीवन भर भगवान श्री राम के मंदिर का विरोध करता रहा, वह आज भगवान शिव का नाम ले रहा है। तांडव करने से पहले आपको सनातन का सम्मान करना सीखना चाहिए। पूरे दिन सनातन और राम मंदिर का अपमान करने वाले आज भगवान शिव और तांडव को राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।
राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए सरमा ने कहा कि यदि वे सीईसी ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, तो वे केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और झारखंड में अपनी गठबंधन सरकारों से पहले इस्तीफा दिलवाएं। साथ ही यह घोषणा करें कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर हैं, कांग्रेस आगामी चुनावों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड) में भाग नहीं लेगी या जीतने पर मुख्यमंत्री शपथ नहीं लेंगे। सरमा ने तंज कसते हुए कहा, जब आप चुनाव जीतते हैं तो EVM ठीक रहती है, और जब हम जीतते हैं तो चुनाव में गड़बड़ी हो जाती है।