विरोध प्रदर्शनों से गरमायी देश की राजधानी पर सतर्कता जारी
सरकार को अब भी भरोसा नहीं है
भीड़ के एकत्रित होने का असली भय
जंतर मंतर पर अब कोई नहीं आयेगा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः पिछले कुछ दिनों से दिल्ली की सड़कें लगातार गरमाई हुई हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी खेमा लगातार विरोध प्रदर्शनों के लिए सड़कों पर उतर रहा है। न केवल प्रमुख राजनीतिक दल, बल्कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठन भी विरोध कार्यक्रमों में सक्रिय हैं।
इन सभी प्रदर्शनों को रोकने और नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने राजधानी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। शहर के चप्पे-चप्पे पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सुरक्षाकर्मियों का भारी जमावड़ा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल स्थानीय पुलिस ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) को भी तैनात किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए 20,000 से अधिक अर्धसैनिक जवान दिल्ली में तैनात रहेंगे और यह तैनाती आगामी एक महीने तक ऐसी ही बनी रहेगी। विपक्षी दलों और अन्य संगठनों द्वारा आगे भी कई विरोध प्रदर्शनों और अभियानों की घोषणा की गई है। हालांकि, इन आगामी कार्यक्रमों की तारीखें और स्थान अभी पूरी तरह तय नहीं हुए हैं।
इस बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके विकल्प के रूप में सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन नई जगहें निर्धारित की हैं— रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडब्लयू ग्राउंड। अब से सभी विरोध और राजनीतिक कार्यक्रम इन्हीं तीन स्थानों पर किए जा सकेंगे। हालांकि या इंडिया गठबंधन द्वारा आगामी रैलियों की रूपरेखा अभी अंतिम रूप से तय नहीं की गई है, फिर भी केंद्र सरकार संभावित सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही पुख्ता रणनीति तैयार कर रही है।
वर्तमान में त्योहारी सीजन भी शुरू हो चुका है और दूसरी तरफ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का दौर भी जारी है। इन दोनों महत्वपूर्ण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बेहद मजबूत किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए तीनों वैकल्पिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशीलता की गहराई से समीक्षा की जा चुकी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।