राहुल गांधी के घर पहुंचे विपक्ष के नेता
आगे की रणनीति पर चर्चा हुई
आंदोलन को तेज करने पर विचार
जंतर मंतर का मामला भी चर्चा में
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और विशेष गहन पुनरीक्षण विवाद को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को अपने उफान पर पहुंच गया। पिछले दो दिनों से जारी पुलिस कार्रवाई, मेट्रो सेवाओं पर प्रतिबंध और भारी धरपकड़ के बीच, मंगलवार का दिन राजनीतिक हलचल, ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों और अदृश्य तनाव से भरा रहा।
एक तरफ जहां विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर हाई-टी बैठक कर आगे की साझा रणनीति तैयार की, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
केंद्र सरकार द्वारा जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से डी-नोटिफाइड किए जाने के बाद से ही तनातनी का माहौल है। इधर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विशाल विपक्षी मार्च के तुरंत बाद, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आवास पर इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं की एक अहम बैठक हाई-टी के दौरान हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के खिलाफ संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शनों को तेज करने के एक साझा कार्ययोजना पर गंभीर मंत्रणा की गई।
उधर, दिल्ली पुलिस द्वारा 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने, ट्रेन सेवाओं में बाधा और अवैध हिरासत के मामलों पर दायर याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति वी. मोहना के अस्वस्थ होने के कारण गुरुवार तक के लिए टाल दी गई है। वहीं, केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया है कि इन मामलों पर उसका जवाबी हलफनामा पूरी तरह तैयार है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
दूसरी ओर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन ने भी दिल्ली पुलिस पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। संगठन ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि पुलिस की बैरिकेडिंग और गिरफ्तारियां छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज़ को नहीं दबा सकतीं, और सीईसी के इस्तीफे तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।