वनकर्मी की सूझबूझ से टल गया बहुत बड़ा हादसा
सामने से पैसेंजर ट्रेन आ रही थी
नक्सलबाड़ी के निकट की घटना है
लाल कपड़ा दिखाकर ट्रेन को रोका
राष्ट्रीय खबर
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी: रेलवे ट्रैक पर हाथियों का एक झुंड और उसी पटरी पर तेजी से आगे बढ़ती पैसेंजर ट्रेन—एक पल की भी चूक एक भयावह हादसे को अंजाम दे सकती थी। लेकिन, एक वनकर्मी की त्वरित बुद्धि, अदम्य साहस और ट्रेन चालकों की तत्परता से हाथियों की पूरी टोली सुरक्षित बच निकली। कुर्सेओंग वन विभाग में तैनात कर्मचारी आकाश केरकेट्टा ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए इस बड़े हादसे को टाल दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम बागडोगरा-नक्सलबाड़ी रेल मार्ग को हाथियों का एक झुंड पार कर रहा था। ठीक उसी समय उस पटरी से ‘सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस’ गुजर रही थी। मौके पर मौजूद वनकर्मी आकाश ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया।
आकाश ने तुरंत समझ लिया कि यदि ट्रेन को समय रहते नहीं रोका गया, तो हाथियों और ट्रेन के बीच भीषण टक्कर होना निश्चित है। बिना वक्त गंवाए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए लाल कपड़ा लहराकर ट्रेन चालकों को आपातकालीन संकेत दिया।
ट्रेन के चालकों की नजर जैसे ही वनकर्मी के लाल कपड़े के इशारे पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सही समय पर रोक दिया। इसके बाद हाथियों का झुंड बिना किसी नुकसान के रेलवे ट्रैक को सुरक्षित पार कर जंगल की ओर निकल गया।
हर साल की तरह इस बार भी हाथियों ने कुर्सेओंग के जंगलों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। कुर्सेओंग के जिला वन अधिकारी के निर्देशों पर वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टीम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।