पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रांतीय सरकार का निलंबन
क्वेटाः पाकिस्तान ने इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाले एक प्रांत में आपातकाल की घोषणा कर वहां की सरकार को निलंबित कर दिया है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने इस कदम को आपातकाल के रूप में छिपाया गया तख्तापलट करार दिया है।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल की घोषणा की। संघीय सरकार का कहना था कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत के अधिकारी वहां इस्लामी आतंकवाद से निपटने में विफल रहे हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और एक नए राज्यपाल की नियुक्ति से खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और सरकार के बीच टकराव काफी बढ़ गया है। यह घटनाक्रम इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद की ओर मार्च करने के इरादे से पीटीआई समर्थकों के प्रांत में एकत्र होने के एक हफ्ते बाद सामने आया है।
प्रस्तावित मार्च से पहले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और इमरान खान की तीन बहनों को हिरासत में लिया गया था। पीटीआई ने इसे हाल के वर्षों के सबसे कड़े दमनात्मक कदमों में से एक बताया है। खान के करीबी सहयोगी और पीटीआई के प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने सरकार के इस कदम को आपातकाल के रूप में छिपा हुआ तख्तापलट बताया। उन्होंने कहा कि इससे खून-खराबे और अस्थिरता बढ़ने का जोखिम है तथा इसका मुख्य उद्देश्य विरोध प्रदर्शन को रोकना था।
पाकिस्तान का संविधान आपातकाल के दौरान सरकार को प्रांतीय अधिकारियों का कार्यभार संभालने की अनुमति देता है। कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में एक प्रांतीय राज्यपाल कार्यभार संभालेंगे, जो हाल के महीनों में लगातार बढ़ते आतंकवादी हमलों से जूझ रहा है। तरार ने बताया कि राज्यपाल शुरू में छह महीने के लिए पद पर रहेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर अवधि बढ़ाई जा सकती है। गृह मंत्रालय ने प्रांत में सेना तैनात करने की घोषणा की है।
संघीय सरकार और सेना का आरोप है कि पीटीआई आतंकवादियों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। वहीं, पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस्लामाबाद ने उसे आवश्यक धन और उपकरण मुहैया नहीं कराए हैं। जिले के पूर्व प्रमुख सोहेल अफरीदी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके अलावा, जेयूआई-एफ पार्टी के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने भी इस कदम की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।
इस्लामाबाद में सरकार ने संसद तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने को रोकने के लिए हजारों सुरक्षा बल तैनात किए हैं और सड़कों पर कंटेनर खड़े कर दिए हैं। ग़ौरतलब है कि खान की पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने 2024 के चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीती थीं, लेकिन वे केवल खैबर पख्तूनख्वा में ही सरकार बना पाए थे। 74 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर के समर्थकों का आरोप है कि सेना ने उनके खिलाफ चुनाव में धांधली की, जिसे सेना ने खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सलाह पर राष्ट्रपति जरदारी ने आपातकाल की घोषणा की है।