काफी समय से जारी विवाद का अंततः खूनी परिणाम निकला
खनिज के मुद्दे पर पुराना विवाद था
इससे चश्मे का लेंस बनाया जाता है
पिछले दो साल से अनबन थी
राष्ट्रीय खबर
जयपुरः राजस्थान के भरतपुर ज़िले में स्थित बयाना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भारतीय जनता पार्टी विधायक अतर सिंह भड़ाना की जानलेवा हमले में दुखद मौत हो गई। यह घटना एक कीमती पत्थर की खदान और उससे जुड़े आर्थिक विवाद को लेकर उपजे हिंसक संघर्ष के कारण हुई।
विवाद का मुख्य कारण: अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना के नाम पर वैर थाना अंतर्गत आने वाले भौंडा गांव के पास एक खनन लीज स्वीकृत थी। इस खदान से कांच के लेंस बनाने में इस्तेमाल होने वाला अत्यंत मूल्यवान पत्थर निकलता है। शुरुआती दिनों में खदान का संचालन सुचारू रूप से चल रहा था। भड़ाना स्थानीय स्तर पर संतुलन बनाए रखने और काम को बिना रुकावट चलाने के लिए क्षेत्रीय नेताओं को रोजगार देने के साथ-साथ मासिक राशि भी दिया करते थे।
बीते दो वर्षों के दौरान गांव में नए नेताओं और स्थानीय गुटों के उभरने के बाद विवाद गहरा गया। इन नए गुटों ने मासिक राशि में वृद्धि की मांग रखी, जिसे अस्वीकार किए जाने पर गतिरोध बढ़ गया। जो पक्ष पहले से मंथली प्राप्त कर रहा था, वह पूर्व विधायक के साथ खड़ा रहा, जबकि दूसरा पक्ष उनका विरोध करने लगा।
विरोध दर्ज कराने के लिए विरोधी ग्रामीणों ने खदान तक जाने वाले मार्ग को यह दावा करते हुए अवरुद्ध कर दिया कि संबंधित मार्ग ग्राम पंचायत की चरागाह भूमि पर स्थित है। हाल ही में, जब भड़ाना अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर बंद पड़ी खदान को पुनः शुरू करवाने पहुँचे, तो दोनों पक्षों के बीच ज़बरदस्त तनातनी हो गई।
हमला और परिणाम: आरोप है कि करीब 50 से अधिक लोगों की उत्तेजित भीड़ ने पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों को घेरकर उन पर हमला बोल दिया। इस हिंसक घटना में अतर सिंह भड़ाना को गंभीर चोटें आईं, जबकि उनका निजी सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा भी बुरी तरह घायल हो गया। हमले के तुरंत बाद पूर्व विधायक को अत्यंत गंभीर अवस्था में इलाज हेतु जयपुर ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटना के संदर्भ में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।