बीस लाख साल पुराने जीवाश्म से बदल सकती है सोच
दो वंशज एक ही काल खंड के
यह जीवाश्म सबसे पुराना पाया गया
पेरेंथ्रोपस रोबस्टस बाद में विलुप्त हो गए
राष्ट्रीय खबर
रांचीः दक्षिण अफ्रीका के क्रेडल ऑफ ह्यूमनकाइंड स्थित प्रसिद्ध ड्रिमोलन मेन क्वारी गुफा से हाल ही में जीवाश्म विज्ञानियों को 18 नए होमिनिन जीवाश्म मिले हैं। इस खोज में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक वयस्क होमो इरेक्टस की खोपड़ी का अवशेष है, जो लगभग 20 लाख वर्ष पुराना है। यह नया जीवाश्म वैज्ञानिक समुदाय के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह होमो इरेक्टस प्रजाति के अब तक खोजे गए वयस्क अवशेषों में सबसे पुराना है, जो पहले से ज्ञात वयस्क जीवाश्मों की तुलना में लगभग 2,00,000 वर्ष पुराना है। यह खोज मानव विकास की पारंपरिक समयरेखा और हमारे पूर्वजों के भौगोलिक फैलाव के सिद्धांतों में बड़ा बदलाव लाती है।
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एनल्स ऑफ ह्यूमन बायोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, ड्रिमोलन गुफा से मिले 18 जीवाश्मों में से 14 अवशेष पेरेंथ्रोपस रोबस्टस नामक प्रजाति के हैं। इससे स्पष्ट होता है कि 20 लाख वर्ष पूर्व दक्षिण अफ्रीका के इस क्षेत्र में हमारे सीधे पूर्वज होमो इरेक्टस और भारी जबड़ों वाले पेरेंथ्रोपस रोबस्टस एक ही समय में, एक ही पर्यावरण में साथ रहते थे।
वैज्ञानिक विश्लेषण से पता चलता है कि जहाँ पेरेंथ्रोपस रोबस्टस ने बदलते मौसम और कठिन भोजन की स्थितियों के अनुसार अपने दांतों और चबाने की मांसपेशियों को बड़ा और मजबूत बनाया, वहीं होमो इरेक्टस ने बड़े मस्तिष्क, छोटे दांतों और बेहतर अनुकूलन क्षमता के साथ विकास का नया रास्ता चुना। अंततः, पेरेंथ्रोपस रोबस्टस विलुप्त हो गए जबकि होमो इरेक्टस आधुनिक मानव के विकास का आधार बने। यह नई पुरातात्विक खोज इस विचार को पुख्ता करती है कि दक्षिणी अफ्रीका में मानव विकास अत्यंत जटिल था और होमो इरेक्टस का जन्म इसी क्षेत्र से होकर दुनिया के अन्य हिस्सों में फैला।
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