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आगरा में ज्ञानेश कुमार के घर पर गद्दार लिखने पर कार्रवाई

पुलिस ने छह कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया

गेट पर स्प्रे पेंट से ऐसा लिखा था

तुरंत ही एफआईआर दर्ज हुआ था

आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर के विरोध में प्रदर्शन करने और घर को कुरूप करने के एक दिन बाद, मंगलवार को पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रदर्शनकारियों पर आरोप है कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को लक्षित करते हुए उनके घर की दीवारों पर हिंदी में अभद्र और आपत्तिजनक संदेश लिखे थे तथा उन्हें पद से तुरंत हटाने की पुरजोर मांग की थी।

घटना के बाद पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए दीवारों पर लिखी गई उस आपत्तिजनक सामग्री और भित्तिचित्रों को हटवा दिया। सोमवार को किया गया यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी राष्ट्रव्यापी आंदोलन का एक हिस्सा था। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी द्वारा इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दृश्यों और वीडियो को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी अपलोड किए जाने की बात सामने आई है।

आगरा के हरीपर्वत थाने में तैनात स्थानीय सब-इंस्पेक्टर गौरव गुप्ता की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक औपचारिक एफआईआर दर्ज की। इस प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 121 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126 (गलत तरीके से रोकना), 132 (लोक सेवक पर आपराधिक बल का प्रयोग), 333 (गृह-अतिक्रमण), 351 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ धारा 109 और 191 (दंगा भड़काना) को शामिल किया गया है। यह मामला 8 नामजद और 15 से 20 अज्ञात पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किया गया है।

आगरा पुलिस की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारी अनिल यादव और मुकेश धनगर अपने साथियों के साथ बिना किसी पूर्व सूचना के आगरा की एक रिहायशी कॉलोनी में दाखिल हुए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के उस पैतृक आवास के बाहर अव्यवस्था फैलाने और माहौल खराब करने की कोशिश की, जहां उनके बुजुर्ग माता-पिता निवास करते हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनिल यादव और मुकेश धनगर सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 3 अक्टूबर 2026 तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।