एक साथ अनेक भूमिगत सुरंगों को उड़ाने में हजार टन विस्फोटक
येरूशलमः मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच इजरायली रक्षा बलों ने दक्षिणी लेबनान में एक बड़ी और निर्णायक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। इजरायली सेना ने गुरुवार को एक सुनियोजित और शक्तिशाली हवाई हमले के जरिए हिजबुल्लाह संगठन के एक बेहद प्रमुख और सामरिक भूमिगत बेस तथा उसके विशाल सुरंग नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। लेबनान और इजराइल की साझा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग छह मील की दूरी पर स्थित अली अल-ताहेर रिज नामक पहाड़ी क्षेत्र में किए गए इन उच्च-विस्फोटक हमलों की तीव्रता इतनी भीषण थी कि उसके प्रभाव से आसपास के पूरे भूभाग में रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता के जोरदार भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई।
इजरायली डिफेंस फोर्सेज द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दो लंबी और जटिल भूमिगत सुरंगों को जड़ से उखाड़कर पूरी तरह तबाह करने के लिए 1,000 टन से अधिक भारी मात्रा में उच्च श्रेणी के विस्फोटकों का उपयोग किया गया था। इस भयंकर विस्फोट के बाद स्थानीय क्षेत्र के एक निवासी अहमद ने मीडिया से अपनी दहशत साझा करते हुए बताया कि धमाका होते ही दूर तक का पूरा आसमान तेज रोशनी से जगमगा उठा और उसके ठीक करीब 15 सेकंड बाद एक कान के पर्दे फाड़ देने वाली भयानक गर्जना सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों के घर इस तरह थरथरा कर कांप उठे मानो सचमुच कोई विनाशकारी प्राकृतिक भूकंप आ गया हो। टेलीग्राम पर आईडीएफ द्वारा जारी किए गए एक विस्तृत बयान में यह भी दावा किया गया कि इस भूमिगत बुनियादी ढांचे के अंदर ईरान में निर्मित दर्जनों मारक मिसाइलें, रॉकेट, मानवरहित ड्रोन, भारी मशीन गन, टैंक-विरोधी मिसाइलें और सैकड़ों की संख्या में खतरनाक बारूदी सुरंगें व विस्फोटक उपकरण सुनियोजित तरीके से छिपाकर रखे गए थे।
सैन्य विश्लेषकों और खुफिया रिपोर्टों के हवाले से सेना ने यह भी खुलासा किया कि पिछले दो दशकों की लंबी अवधि में धीरे-धीरे निर्मित किए गए और पूरी तरह ईरानी शासन द्वारा वित्तपोषित इस भूमिगत रणनीतिक परिसर के भीतर अत्याधुनिक कमांड सेंटर, गुप्त हथियार भंडारण कक्ष और आतंकवादियों के रहने के लिए विशेष क्वार्टर बनाए गए थे, जिनकी सहायता से आतंकवादी बिना किसी बाहरी बाधा के लंबे समय तक भूमिगत रहकर अपनी विध्वंसक गतिविधियों को आसानी से अंजाम देते थे। हालांकि, इस भारी तबाही और इजरायली सेना के दावों के विपरीत, हिजबुल्लाह संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन हमलों के सामरिक प्रभाव को सिरे से खारिज करते हुए इसे मामूली बताने की कोशिश की है और इन सुरंगों के भीतर किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण सैन्य साजो-सामान या बड़े जखीरे के होने से साफ इनकार किया है। बहरहाल, इजराइल की इस बेहद आक्रामक और बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद से लेबनान सीमा पर तनाव का ग्राफ एक बार फिर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।