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राष्ट्रपति ने टाटा को काम रोकने को कहा

केन्या में अचानक बिगड़ गया कूटनीतिक समीकरण

रुटो ने कहा हम गुलाम देश नहीं है

इस कंपनी से देश को फायदा नहीं

कंपनी का परिचालन सरकार करेगी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्ली: केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने गुरुवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए टाटा केमिकल्स को देश में अपना परिचालन तुरंत प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है। रुटो ने आरोप लगाया कि दशकों से मौजूदगी के बावजूद इस भारतीय कंपनी के परिचालन से स्थानीय नागरिकों या देश को कोई वास्तविक लाभ नहीं हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति रुटो ने जनता को संबोधित करते हुए सवाल किया, क्या हम दूसरों के गुलाम हैं? उन्होंने घोषणा की कि केन्याई सरकार अब टाटा केमिकल्स द्वारा संभाले जा रहे परिचालन को अपने हाथ में लेने के लिए दो नई कंपनियों को शामिल करेगी।

यह कदम टाटा केमिकल्स द्वारा जुलाई के अंत में दी गई उस जानकारी के कुछ हफ्तों बाद आया है, जिसमें कंपनी ने बताया था कि केन्याई सरकार ने उनकी केन्याई इकाई को मगाडी सोडा कारखाने में परिचालन निलंबित करने और सोडा ऐश के निर्यात को रोकने का आदेश दिया है। काजियाडो क्षेत्र में टाटा केमिकल्स की लंबे समय से चली आ रही उपस्थिति की आलोचना करते हुए रुटो ने कहा, टाटा कंपनी के पास 100 साल का अनुबंध था, लेकिन उन्होंने काजियाडो में कोई उद्योग या बड़ी फैक्टरी नहीं बनाई। हमने अब तय किया है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे जो काजियाडो में कांच बनाने की एक बड़ी फैक्टरी लगाएगी और दूसरी कंपनी यहां रसायनों का निर्माण करेगी।

टाटा केमिकल्स का केन्या में परिचालन टाटा केमिकल्स केन्या में मगाडी सोडा का संचालन करती है, जो मुख्य रूप से सोडा ऐश का उत्पादन करता है। सोडा ऐश एक महत्वपूर्ण औद्योगिक रसायन है जिसका उपयोग कांच निर्माण और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में व्यापक रूप से किया जाता है। राष्ट्रपति की इस घोषणा और तीखी टिप्पणियों पर फिलहाल टाटा केमिकल्स की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।