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केंद्र सरकार के लिए सरदर्द बने सीजेपी का अपना सरदर्द

एक और सीजेपी का संगठन सामने आया

नये संगठन का नेता अपरिचित है

पहले के आंदोलन में नहीं था वह

असली सीजेपी को आप का विंग कहा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: दिल्ली में छात्र आंदोलनों का नेतृत्व करने और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का कारण बनने वाली कॉकरोच जनता पार्टी में आंतरिक फूट सामने आ गई है। पार्टी से अलग होकर बने नए धड़े कॉकरोच जनता पार्टी – डेमोक्रेटिक ने स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) से जुड़ने का आह्वान किया है। इस नए गुट का नेतृत्व कर रहे मनीष ब्रह्मभट्ट का आरोप है कि मूल आंदोलन की सफलता के बाद इसे बेच दिया गया और इसका राजनीतिकरण कर दिया गया। ब्रह्मभट्ट ने कहा, आज हम कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक का शुभारंभ कर रहे हैं। यह आंदोलन पूरे देश का था और लोगों ने इसमें अपना खून-पसीना बहाया था, लेकिन सफलता मिलते ही इसे राजनीतिक स्वार्थ के लिए बेच दिया गया।

इस कदम के कारणों पर बात करते हुए ब्रह्मभट्ट ने दावा किया कि अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली मूल सीजेपी अब टीम केजरीवाल में तब्दील हो चुकी है और इसके सदस्य आम आदमी पार्टी से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन की सफलता के बाद घर बैठे 12 सदस्यीय टीम बना ली गई, जिसमें आठ लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। इस प्रक्रिया में आंदोलन से जुड़े किसी भी प्रदर्शनकारी या सोशल मीडिया के स्वयंसेवकों से कोई परामर्श नहीं लिया गया।

उन्होंने आगे कहा, हम चाहते थे कि एक राष्ट्रीय टीम बने जिसमें हर राज्य से पांच-पांच प्रदर्शनकारियों और स्वयंसेवकों को जगह मिले। हम किसी हाई कमान या तानाशाही के खिलाफ थे, लेकिन हमारी मांगों को खारिज कर मनमाने ढंग से टीम बनाई गई। इस पूरी कवायद के पीछे अरविंद केजरीवाल की सोच थी।

हालांकि, इस आंदोलन के दौरान खुद मनीष ब्रह्मभट्ट की क्या भूमिका थी, यह स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, ब्रह्मभट्ट का इस मूल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। सूत्रों ने सीजेपी में किसी भी बड़े विभाजन की बात को खारिज करते हुए कहा कि यह सब प्रायोजित है और पार्टी इस पर ध्यान नहीं दे रही है।