अब दुर्गापुर से प्रतिमा खंडित होने की दूसरी खबर आने से तनाव
स्थानीय विधायक पर लगा है खुला आरोप
क्रेन से उखाड़कर जंगल में फेंका गया इसे
विधायक बनर्जी ने आरोप से किया इंकार
राष्ट्रीय खबर
दुर्गापुरः पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले अंतर्गत औद्योगिक शहर दुर्गापुर में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की एक विशाल प्रतिमा को क्रेन के जरिए उखाड़कर पास के प्राथमिक विद्यालय से सटे जंगल में फेंकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के सामने आते ही क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है और राष्ट्रीय दल कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखा राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। दोनों ही दल इस घटनाक्रम के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
यह प्रतिमा दुर्गापुर के हर्षवर्धन प्राथमिक विद्यालय के समीप स्थित एक ध्यान केंद्र के प्रांगण में स्थापित थी। कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं का दावा है कि शुक्रवार को इस परिसर में रक्षा बंधन का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। आयोजकों द्वारा स्थान की कमी का हवाला देते हुए प्रतिमा को अचानक क्रेन की सहायता से उखड़वा दिया गया और पास की झाड़ियों में फेंक दिया गया। कांग्रेस का गंभीर आरोप है कि इस पूरे वाकये और कार्यक्रम के दौरान दुर्गापुर पूर्व से भाजपा के स्थानीय विधायक चंद्रशेखर बनर्जी भी वहां व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे।
इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष देबेश चक्रवर्ती और वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने इसे देश के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास और पूर्व प्रधानमंत्री की महान विरासत का घोर अपमान करार दिया है। कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए 24 घंटे का स्पष्ट अल्टीमेटम जारी किया है। पार्टी की मांग है कि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ उसके मूल स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए, अन्यथा वे पूरे जिले में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
दूसरी तरफ, आरोपों से घिरे भाजपा विधायक चंद्रशेखर बनर्जी ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की संयुक्त साजिश बताया है। भाजपा विधायक का कहना है कि इस घटना में उनकी या उनकी पार्टी की कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने पलटवार करते हुए दावा किया कि कांग्रेस का एक गुट गुपचुप तरीके से टीएमसी के साथ मिलकर काम कर रहा है और उन्होंने ही राजनीतिक लाभ पाने तथा भाजपा की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इस कृत्य को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में शांति बनाए रखने और जांच में जुटा हुआ है।